मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार जल्द "वन स्टेट- वन हेल्थ" पालिसी लागू करने जा रहा है। राज्य के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सोमवार को बताय "वन स्टेट- वन हेल्थ" पालिसी लागू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बनेगा।

वहीं एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने बताया एम्स भोपाल ई-कंसल्टेशन और ई-आईसीयू के द्वारा राज्य के दूर दराज़ के इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
दरअसल, मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री शुक्ल के प्रतिनिधित्व में एम्स भोपाल में "वन स्टेट - वन हेल्थ" लागू करने से पहले आज एक संगोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें डिप्टी सीएम ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य तेजी से तरक्की कर रहा है। चिकित्सालय में अत्याधुनिक सेवाओं के साथ चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किये जा रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री में इस अवसर पर निर्देश दिया कि मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य के विभिन्न मानकों में सुधार, ग्रामीण चिकित्सा अधोसंरचना और सेवा प्रदाय को सशक्त करने के लिए अंतःक्षेपों में विशेष रूप से मंथन किया जाये।
उन्होंने कहा राज्य में अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया चिकित्सकीय विशेषज्ञों, मैनपॉवर की उपलब्धता हेतु विभिन्न माध्यमों से प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया जिला स्तर के साथ राज्य के प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है और उन्हें मजबूत बनया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स भोपाल द्वारा "वन स्टेट - वन हेल्थ" विचार संगोष्ठी की सराहना की।
उन्होंने कहा इस संगोष्ठी में चिकित्सा और प्रशासनिक जगत के विशेषज्ञों के मंथन से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के सुझाव मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में सहायक होंगे।
उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा एम्स भोपाल द्वारा चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग प्रदान करने के विभिन्न आयामों में कार्य किया जा रहा है। एम्स के अनुभव से निःसंदेह मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र को लाभ प्राप्त होगा।


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