मध्य प्रदेश में किसानों की फसल को ओलावृष्टि से जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई करने के लिए प्रदेश की सरकार ने अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की।
इसके बाद उन्होंने सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिया है कि तत्काल प्रभाव से सर्वे कराया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर निर्देश दिया है कि ओलावृष्टि से प्रभावित कोई भी किसान राहत सर्वे से छूटना नहीं चाहिए। जिस भी किसान की फसल को नुकसान पहुंचा है उसकी फसल का सर्वे जरूर होना चाहिए।

अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 फरवरी से 14 फरवरी के बीच जिन भी जिलो में बेमौसम बारिश हुई है, ओलावृष्टि हुई है और इसकी वजह से फसल को नुकसान पहुंचा है, उसका तत्काल प्रभाव से सर्वे कराया जाए। इसके साथ ही डीएम को निर्देश दिया गया है कि आरबीसी 6(4) के तहत किसानों को राहत राशि का वितरण किया जाए। इस बात को सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी किसान इस राहत सर्वे से छूट ना जाए।
बता दें कि 11 से 14 फरवरी के बीच हुई बारिश और ओलावृष्टि से पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसमे मुख्य रूप से बालाघाट, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, मंडला, सतना, सिंगरौली, पन्ना, अनूपपुर, छतरपुर की 34 तहसीलें शामिल हैं। इन तहसीलों के 343 गाव के तकरीबन 3701 किसानों की फसल के नुकसान की खबर सामने आई है।


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