राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शुक्रवार को कहा की राष्ट्र निर्माण की दिशा में बालिका शिक्षा पहला कदम है। उन्होंने कहा कि बेटियां परिवार और समाज की आधार हैं। उन्होंने कहा कि पुरुष जब शिक्षित होता है तो केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है पर जब महिला शिक्षित होती है तो कई पीढ़ियों को शिक्षित और संस्कारवान बनाती है। श्री पटेल सीहोर के कन्या शिक्षा परिसर में आयोजित वार्षिकोत्सव समारोह को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि समाज और देश तभी समृद्ध और सशक्त होगा जब बेटियां स्वस्थ, शिक्षित और स्वावलंबी होगी। शिक्षित महिला माँ, बहन, दादी और पत्नी सभी भूमिकाओं का बेहतर तरीके से निर्वहन करती है। उन्होने कहा कि महिलाएँ आज व्यापार, शिक्षा, राजनीति, खेल, कला, प्रतिरक्षा सभी क्षेत्रों में कामयाबी का परचम लहरा रही है। सेना में फाईटर प्लेन उड़ा रही हैं। चंद्रयान जैसी परियोजनाओं में सशक्त भूमिका निभा रही हैं।

बालिकाओं को सशक्त देखकर गर्व: राज्यपाल
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि कन्या शिक्षा परिसर की बालिकाओं के सर्वांगीण विकास की झलक को देखकर, मैं भावविभोर हूँ। इसके लिए मैं सूर्या फ़ाउंडेशन और स्कूल प्रबंधन को हृदय की गहराइयों से बधाई और शुभकामनाएं देता हूँ। उन्होंने बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत आत्मरक्षा शैली कराटे और मार्शल आर्ट, देशभक्ति और लोक कला पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य कार्यक्रम और योगा प्रदर्शन प्रस्तुतियों की सराहना की।
पंचायत से गणतंत्र के सर्वोच्च पद पर महिलाएं
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि पंचायत से लेकर गणतंत्र के सर्वोच्च पद पर महिलाएं विराजमान हैं। वर्तमान में मध्यप्रदेश की मुख्य सचिव भी महिला अधिकारी है। उन्होंने सभी बेटियों से कहा कि सफल महिलाओं से प्रेरणा लेकर भावी जीवन की दिशा तय करें। श्री पटेल ने कहा कि शिक्षा बदलाव का सशक्त साधन है। बेटियां अपनी शिक्षा की ताक़त से अपने समुदाय और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। अपने समुदाय और परिवार की महिलाओं और बेटियों को स्वयं के उदाहरण से शिक्षा और सशक्तिकरण का महत्व बताना चाहिए। श्री पटेल ने बालिकाओं से अपील की कि वे पिछड़े, वंचित क्षेत्रों के उत्थान, आत्म-निर्भरता, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और स्वावलंबन के कार्यक्रमों और प्रयासों में ज़रूर सहभागिता करें।
नागरिक देशहित में सोचेंगे तभी सशक्त होगा देश
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि हम इतिहास के उस दौर में हैं जब देश उन्नति की छलांग लगाने जा रहा है। देश तभी सशक्त होगा जब हर नागरिक देशहित में सोचेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति सजग नागरिकों की पौध तैयार करने का यही सही समय है। युवाओं को शिक्षा और कौशल तक ही सीमित नहीं रखते हुए, उन्हें देश सेवा और कर्तव्यों को सर्वोपरि रखने के लिए प्रेरित करें। शिक्षकों से कहा कि वर्तमान और भावी पीढ़ी में विचारशीलता और कर्तव्य के पालन के बीज बोने के लिए स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करें। उनका रोल मॉडल बनें।


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