मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शुक्रवार को नीमच जिले में 752 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लोाकर्पण करते हुए कहा औषधीय फसलों के मामले में नीमच, एशिया की सबसे बड़ी मंडी है। उन्होंने कहा नीमच दुनिया भर में औषधीय फसलों के लिए जाना जाता है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि जावद और नीमच के किसानों को सिंचाई की सुविधा देने के लिए 3200 करोड़ की लागत से नई 'चंबल सिंचाई परियोजना' शुरू की जाएंगी।परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आश्वसन दिया कि नीमच क्षेत्र का शीघ्र विकास होगा। इसके अलावा पार्वती-काली सिंध-चम्बल लिंक प्रोजक्ट से राज्य में दस जिलों को पेयजल और सिंचाई जल उपलब्ध होगा।
उन्होंने बताया इन परियोजनाओं से नीमच अंचल को सबसे अधिक लाभ मिलेगा सिंचाई की बेहतर व्यवस्था होने से किसानों के खेतो में फसले लहलहाएगी इसके साथी सीएम ने दावा किया कि मध्य प्रदेश का नीमच पंजाब और हरियाणा के समान तरक्की
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शुक्रवार को नीमच में कुल 752.09 करोड़ की लागत के विभिन्न 20 विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 593.48 करोड़ के 4 विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास तथा 158.61 करोड़ लागत के विभिन्न 16 कार्यों का लोकार्पण किया।
नीमच के विकास से संबंधित सीएम डॉ मोहन ने जो घोषणाएं की उनमें नीमच में स्टेडियम निर्माण, श्रद्धा स्थल भादवा माता में सुविधायुक्त अस्पताल एवं फिजियोथैरेपी सुविधा, नीमच की बंगला बगीचा से जुड़ी राजस्व समस्या का निराकरण, मनासा कुकड़ेश्वर बॉयपास, कुकड़ेश्वर में शासकीय महाविद्यालय, सिंगौली में स्नातकोत्तर कॉलेज, जावद में वर्तमान 40 बिस्तर अस्पताल का 100 बिस्तर अस्पताल में उन्नयन, रतनगढ़ सामुदायिक केंद्र का उन्नयन, जावद से मोरवन डबल रोड निर्माण शामिल है।
इसके अलावा इस कार्यक्रम में सीएम डॉ मोहन यादव ने नीमच ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लाभ पत्र भी दिए। मुख्यमंत्री आज नीमच में भाजपा सरकार की जन आभार यात्रा में भी शामिल हुए और स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया।


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