मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सरकार राज्य को वॉटर स्पोर्ट्स हब बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। सीएम डॉ यादव ने मध्य प्रदेश को वॉटर स्पोर्ट्स हब बनाने के लिए जरूरी कद उठाने का रविवार को निर्देश जारी कर दिया है।

ये निर्देश सीएम यादव ने रविवार को प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम का 109वां एपिसोड सुनने के तुरंत बाद जारी किया। उन्होंने बताया भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में वॉटर स्पोर्ट्स की अपार संभानाओं को देखते हुए मध्य प्रदेश को वॉटर स्पोर्ट्स हब बनाने की प्रदेश सरकार ने योजना बनाई है।
सीएम मोहन ने बताया कि भोपाल के अलावा अन्य कई जिलों और शहर में वॉटर स्पोर्ट्स की सुविधाएं विकसित हो रही हैं। मध्य प्रदेश को वॉटर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने के लिए बड़े तलाबों को विकतिस किया जा रहा है।
पुणे के बाद भोपाल देश का दूसरा बड़ा वॉटर स्पोर्ट्स हब बनाने का प्रयास शुरू हो चुका है। यहां पर इंटरनेशनल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। भोपाल के बड़े तालाब को ऐसे विकसित किया जाएगा ताकि वहां पर बोट पार्क हो सकेगी।
बता दें वर्तमान समय में वॉटर गेम प्लेयर्स की देा जगहों पर ट्रेनिंग होती है, प्लेयर्स को प्रैक्टिसक के लिए पुणे जाना पड़ता है। भोपाल में वॉटर स्पोर्ट्स हब स्थापित होने के बाद पुणे तक खिलाड़ियों को नहीं जाना पड़ेगा।
भोपाल के अतिरिक्त वॉटर स्पोर्ट्स भिंड शहर में बने गौरी सरोवर तालाब पर प्रदेश स्तर पर ड्रैगनबोट प्रतियोगिता पहले से ही होने लगी हैं। भिंड के गौरी सरोवर में पहली बार दौड़ती हुई ड्रैगन बोट पांच साल पहले दिखी थी। इसके बाद गौर सरोवर जो की भिंड की शान है वहां पर केनो कयनिंग का प्रशिक्षण शुरू हुआ। यहां से कई इंटरनेशनल प्लेयर और पेराप्लेयर की ट्रेनिंग दी जाने लगी।
बता दें कयाकिंग- केनोइंग और रोइंग में मध्य प्रदेश कई बड़े खिलाड़ी अब तक दे चुका है। रविवार को मन की बात में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा दीव में बीच गेम्स का आयोजन किया गया। यह भारत का पहला मल्टी स्पोर्ट बीच गेम्स था। जिसमें पीएम मोदी ने आश्चर्य भी व्यक्त किया कि वॉटर गेम के टूर्नामेंट में सबसे अधिक मध्य प्रदेश के प्लेयर्स ने पदक जीते। पीएम ने कहा था कि इस गेम्स में बहुत से ऐसे राज्यों के बहुत से खिलाड़ी आए, जिनका समुंद्र से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था।


Click it and Unblock the Notifications