लखनऊ में कूड़ा प्रबंधन को बेहतर करने के लिए लखनऊ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने चेन्नई की प्राइवेट कंपनी के साथ करार किया है। इसको लेकर एग्जेक्युटिव स्तर की अहम बैठक भी हुई है। तकरीबन छह महीने से इसपर चर्चा चल रही थई, जिसके बाद आखिरकार यह करार हुआ है। इस करार का मुख्य उद्देश्य लखनऊ की सड़कों की सफाई को सुनिश्चित करना है साथ ही कूड़ा प्रबंधन को बेहतर करना है। शहर में कहीं भी कूड़ा नहीं दिखे इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निकाय को पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
चेन्नई आधारित कंपनी माना जा रहा है कि इस करार के बाद फरवरी माह से अपनी सेवाओं की शुरुआत कर सकती है। शुरुआती चरण में यह कंपनी जोन 1,3,4,6,7 में अपनी सेवाएं देगी और यहां पर कूड़े का निस्तारण करेगी। लखनऊ नगर निगम इन जोन के अलावा बाकी के जोन में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था खुद संभालेगी। मेयर सुषमा खारवाल ने कहा कि नई कंपनी खुले में कूड़ा फेंकने की समस्या का समाधान करेगी, लोगों के घर-घर जाकर कूड़ा इकट्ठा करेगी।

इसके लिए ईसी अलोकेटेड बजट 8 करोड़ रुपए का आवंटित हुआ है। इसका इस्तेमाल साल में दो बार नाली आदि की सफाई के लिए किया जाएगा। जैसा कि पहले मानसून के मौसम में सफाई का कार्य किया जाता था। इसके साथ ही यह भी फैसला लिया गया है कि हाउस टैक्स कलेक्शन के लिए हर वार्ड में कैंप किया जाएगा। बैठक के दौरान यह भी तय हुआ है कि पार्कों में नर्सरी तैयार की जाएगी। इसके साथ ही यह भी फैसला लिया गया है कि कल्याण मंडप को बैठक, कॉन्फ्रेंस, पार्टी आदि के लिए फिक्स रेट पर किराए पर दिया जाएगा।


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