Jharkhand News: झारखंड में मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना में मेडिकल इंजीनियरिंग एवं अन्य प्रवेश परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी के लिए झारखंड का स्थाई निवासी होने की अनिवार्यता कर दी गई है। इसके लिए छात्रों को झारखंड से दसवीं की पढ़ाई अनिवार्य की गई है। अगर दूसरे राज्यों के स्कूल से दसवीं उत्तीर्ण की गई है तो झारखंड का स्थानीय निवासी होने का प्रमाण पत्र देना होगा।
प्रदेश के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में इस योजना के संचालन के लिए एसओपी जारी किया है। जिसमें इसका उल्लेख किया गया है। इस योजना का लाभ उन्हीं छात्रों को मिल पाएगा। जिनके माता-पिता की वार्षिक आय अधिकतम आठ लाख रुपए हैं। इसके लिए उन्हें अनुमंडल पदाधिकारी या अंचलाधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र जमा करना होगा। राष्ट्रीय एवं राज्य खाद्य सुरक्षा योजना से आच्छादित परिवारों के बच्चों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

विभाग द्वारा अभी इस योजना के क्रियान्वयन के लिए कोचिंग संस्थानों की सूची तैयार करवाई जा रही है। कोचिंग संस्थानों के चयन के लिए मानक शर्तें तय की गई है। विभाग द्वारा योजना के क्रियान्वयन के लिए वेब पोर्टल भी तैयार करवाया जा रहा है।
इस योजना में विद्यार्थियों से वे पोर्टल के जरिए ही आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इसके तहत न केवल चयनित विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग कराई जाएगी। बल्कि कोचिंग अवधि के दौरान प्रतिमाह ढाई हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
प्रदेश में इंजीनियरिंग में प्रवेश परीक्षा के लिए कुल 3 हजार सीटें हैं। इसके साथ ही मेडिकल के लिए 2 हजार, क्लेट के लिए 1 हजार तथा मॉस कम्युनिकेशन, फैशन टेक्नोलॉजी, होटल मैनेजमेंट में प्रत्येक के लिए 500 सीट निर्धारित की गई है। सीए और आईसीडब्लूए के लिए भी 500 सीट निर्धारित की गई है।
योजना के तहत निशुल्क कोचिंग के लिए विद्यार्थियों का चयन दसवीं के प्राप्त अंकों के आधार पर होगा। विद्यार्थियों के अंकों के आधार पर बोर्ड लिस्ट तैयार होगा। तकनीकी शिक्षा विभाग कुल सीट से डेट गुना से अधिक आवेदन आने पर अभ्यर्थियों का सत्यापन कर डेढ़ गुना विद्यार्थियों का पैनल तैयार करेगा। यह पैनल 2 वर्षों तक मान्य होगा।


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