झारखंड सरकार ने प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण, उत्पादन को लेकर सख्त रुख अख्तियार किया है। प्रदेश में अवैध शराब की बिक्री और एमआरपी से अधिक दाम पर बिक्री के खिलाफ उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग काफी सक्रिय हो गया है। सभी जिलों में तैनात सहायक आयुक्त उत्पाद, एसएसपी, एसपी को निर्देश दिया गया है कि अवैध शराब के धंधे को रोकने के लिए सक्रिय रूप से कार्रवाई करें।
दरअसल सरकार किसी भी तरह की अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाकर प्रदेश के राजस्व में बढ़ोत्तरी पर जोर दे रही है। सरकार चाहती है कि लोगों तक गुणवत्तापूर्ण शराब ही पहुंचे जिससे प्रदेश सरकार के राजस्व में भी बढ़ोत्तरी होगी।

आयुक्त उत्पाद ने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी से अनुरोध किया है कि लोकसभा चुनाव, होली आदि को देखते हुए अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए सघन छापेमारी अभियान चलाया जाए। बता दें कि अगले माह होली है और चालू वित्त वर्ष 2023-24 भी खत्म होने वाला है।
उत्पाद विभाग की ओर से सभी जिलों के एसपी से अनुरोध किया गया है कि वह थानावार उत्पाद छापेमारी दल गठित करें और हाईवे के किनारे होटल, ढाबे आदि जगह पर बिकने वाली अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए छापेमारी करें।
सभी जिलों को जो आदेश जारी किया गया है उसमे कहा गया है कि बिहार के आयुक्त उत्पाद के साथ ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी हुई है। बिहार से सटे इलाकों में भी छापेमारी की बात कही गई है। अतिरिक्त बिहार सीमा से दस किलोमीटर के क्षेत्र में खुतरा दुकानों पर होने वाली बिक्री की भी सर्वेक्षण किया जाएगा। बता दें कि 19 फरवरी को चुनाव आयोग की समिति बिहार के पदाधिकारियों के साथ भी अहम बैठक इस संबंध में होगी।


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