झारखंड सरकार प्रदेश में उग्रवाद को खत्म करने के लिए बड़े कदम उठा रही है। लोग इस रास्ते को छोड़ मुख्यधारा में जुड़े इसके लिए सरकार की ओर से कई नीतिगत फैसले लिए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में जिन 9 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया था, उन्हें सरकार की ओर से पुनर्वास नीति के तहत चार डिस्मिल जमीन मुहैया कराई जाएगी, ताकि वह अपने जीवन यापन बेहतर तरह से कर सके और समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकें।

यहां पहली बार आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को प्रदेश सरकार की ओर से जमीन का पट्टा मुहैया कराया गया है। इस योजना से 2015 में आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को लाभ मिला है। जिन उग्रवादियों ने समर्पण किया था, वो लंबे समय से जमीन के लिए भटक रहे थे, लेकिन अब सरकार की ओर से इन लोगों को मदद मुहैया कराई गई है। हालांकि आत्मसमर्पण कर चुके इन उग्रवादियों को दूसरी योजनाओं का लाभ पहले मिल चुका है, लेकिन जमीन का पट्टा अब इन लोगों को दिया गया है। तकनीकी अड़चनों की वजह से जमीन का पट्टा नहीं मिल पा रहा था।
लेकिन इस क्रम में उपायुक्त अबु इमरान से इन लोगों ने फरियाद लगाई थी, जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया। डीसी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर इसका निष्पादन करने के लिए कहा। पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने बताया कि इन लोगों को प्रदेश सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत यह लाभ दिया है। जिन लोगों को जमीन मुहैया कराई गई है उनके नाम संतोष भुइयां, अशोक बैगा, कमलेश यादव, विशाल यादव, लखन, बभने, शंकर पासवान, संजय पासवान, मन्नु यादव शामिल हैं।


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