Jharkhand News: झारखंड अब सौर ऊर्जा की तरफ कदम बढ़ा रहा है। राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ग्रामीण इलाकों के सोलर बिजली उत्पादन को बढ़ावा दे रही है।यह सोरेन सरकार के प्रयासों का ही कमाल है कि आजादी के बाद साहिबगंज जिले के 25 गांव अब बिजली से रौशनी हो रहे है। इन गांवों में मिनी सोलर प्लांट के माध्यम से बिजली की आपूर्ति की जा रही है।

साहिबगंज के 25 गांवो में सोलर प्लांट लगाने का काम 2021 में शुरू किया गया था। अब तक 19 गांवों में प्लांट स्थापित किया जा चुका है। इस योजना के माध्यम से 735.5 किलोवाट सोलर बिजली उत्पादन करने की योजना अंतिम चरण में है। इससे 2237 घरों में रोशनी होगी।
झारखंड के सुदूर इलाकों में बेस गांवों में जरेडा मिनी सोलर प्लांट के माध्यम से बिजली पहुंचाने का काम कर रहा है। इसके अलावा ग्रामीणों को सोलर पावर में होने वाली खराबी को ठीक करने के लिए प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। झारखंड सरकार की सोच है कि प्लांट लगाने वाली कंपनी को 5 साल तक बिजली निर्बाध आपूर्ति करनी है,इसलिए पूरी रात बैकअप के लिए बैटरी भी लगायी गयी है।
इन गांवो में सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं,उसमे से एक बरहेट प्रखंड के हिरणपुर पंचायत स्थित बरमसिया गांव में राज्य योजना मद से 60 किलोवाट का मिनी सोलर पावर प्लांट 2021 अक्टूबर में लगाया गया था। बरमसिया गांव शहर से 80 किलोमीटर और प्रखंड मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर सुदूरवर्ती वन क्षेत्र में है। सोरेन सरकार की पहल पर बिहड़ में रहने वाले आदिवासी परिवारों के घरों में रोशनी पहुंच गई है।
बरमसिया गांव में बिजली आने से गांववालों में काफी उत्साह है,वह हेमंत सरकार को धन्यवाद देते हुए कहते हैं कि हेमंत सोरेन सरकार ने राशन, पेंशन के साथ 24 घंटे बिजली दी है। अब बच्चे रात में भी पढ़ाई कर रहे हैं। इस गांव के बबलू सोरेन का कहना है कि गांव में जब पहली बार बिजली आयी, तो 240 परिवारों के लोगों के चेहरे खिल उठी है। अब हम मोटर लगा कर खेतों की सिंचाई भी कर रहे हैं। वहीं गांव की सुनामनी सोरेन कहती हैं कि सोलर बिजली ने हम लोगों के जीवन में काफी बदलाव लाया है। बिजली पहुंचने से गांव में एक दो लोग टीवी भी लग चुके हैं।
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