पंजाब के मुख्यमंत्री ने पिछले सप्ताह सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील में केले की जगह मौसमी फल देने का ऐलान किया था। सीएम भगवंत मान के आदेश का पालन करते हुए सोमवार को सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील में मौसमी फल की जगह मौसमी फल बांटने की शुरूआत कर दी गई।

सोमवार को मान सरकार के आदेश का पालन करते हुए फाज़िल्का जिले के प्राथमिक स्कूलों में छात्र-छात्राओं को मिड-डे मली में किन्नू बांटे गए।
जिले के स्कूलों में मिड-डे मील में मौासमी फल देने की शरूआत डिप्टी कमिश्नर डा. सेनू दुग्गल ने सरकारी कन्या सीनियर सैकेंडरी स्कूल से की।
इस मौके पर डी.सी. डा. दुग्गल ने कहा कि जिले पंजाब में किन्नू का सबसे बड़ा उत्पादक है और मिड-डे मील में किन्नू को शामिल करने से किन्नू की खपत बढ़ेगी। उन्होंने कहा इसका लाभ पंजाब के किसानों को भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस मौसम में सप्ताह के सोमवार को विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन में किन्नू फल दिया जाएगा।
उन्होंने बताया ये किन्नू फल औषधीय गुणों के कारण स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है, क्योंकि इसमें विटामिन सी पाया जाता है जो शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता ह। इससे व्यक्ति में रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसलिए ये बच्चों को बीमारियों से बचाएगी।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा इस किन्नू अन्य उपयोगी तत्व मौजूद होते हैं जो मानव स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं।
बता दें पिछले सप्ताह पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आदेश दिया था कि सरकारी स्कूल के बच्चों को मिड-डे-मील में हर सोमवार को केला देने के बजाय उन्हें मौसमी फल दिया जाए।


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