दिल्ली सरकार ने डिलीवरी और कैब सुविधाओं के तहत सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया है। सरकार एक नया पोर्टल लाने जा रही है, जिसके जरिए कैब और डिलीवरी सेवाओं की निगरानी आसान हो जाएगी। इसके अलावा सेवा और इंश्योरेंस से जुड़ी शिकायतों पर भी सरकार एक्शन सुनिश्चित का जा सकेगी।
राष्ट्रीय राजधानी में ट्रांसपोर्ट सुविधाओं की निरंतरता और सुरक्षा के लिए हाल ही में दिल्ली सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। इसी क्रम में सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली मोटर वाहन एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाता योजना, 2023 शुरू की। जिसका उद्देश्य एग्रीगेटर प्लेटफार्मों को सरकार के दायरे में लाकर यात्रियों और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

योजना के जरिए सरकार प्रदूषण करने और ग्रीन एनर्जी के प्रयोग को बढ़ावा देने जा रही है। स्कीम के तहत कमर्शियल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला जा रहा है। इसके अलावा सरकार अब पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने के बाद नए वाहन लेने पर 50 हजार का छूट भी दे रही है। हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें हैं, जिसमें पहली और अनिवार्य शर्त ये है कि वाहन 15 वर्ष पुराना होना चाहिए।
अब कैब सुविधाओं की निगरानी के लिए नया पोर्टल
दिल्ली सरकार अब खुद ऐप बेस्ड कैब और डिलीवरी सेवाओं की निगरानी करेगी। इसके लिए परिवहन विभाग एक पोर्टल बना रहा है। जिसके जरिए सभी एग्रीगेटर और डिलीवरी सर्विस देने वालों के लिए सख्त नियम तैयार किए जा रहे हैं। दिल्ली सरकार की ओर लागू नियमों के तहत एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवाएं देने वालों कों गाड़ियों और सेवाओं का पूरा ब्यौरा देना अनिवार्य है। इसके तहत इससे सरकार को ऐप बेस्ड कैब और डिलीवरी सेवाएं देने वालों को रेगुलेट करने में आसानी होगी। इसके साथ ही सेवा और इंश्योरेंस से जुड़ी शिकायतों पर भी सरकार एक्शन सुनिश्चित कर सकेगी।
वहीं दिल्ली सरकार की नई स्क्रैप पॉलिसी के तहत वाहन मालिकों को अपनी पुरानी कार या वाहन को स्क्रैप करने पर सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट मिलेगा। इसका प्रयोग नया वाहन खरीदते वक्त करने पर 50 हजार की टैक्स छूट मिलेगी। यह छूट केवल उसी श्रेणी के वाहन के लिए दी जाएगी, जिसे स्क्रैप किया गया था।


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