उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में कई अहम बदलाव देखने को मिला है। प्रदेश में बेहतर शिक्षा,कानून व्यवस्था से लेकर बेहतर स्वास्थ्य पर सरकार ने खास ध्यान दिया है।
सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने लिए इसके बजट में इजाफा करने का फैसला लिया जिससे लोगों को सस्ती और अच्छी स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराई जा सके। योगी सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए बजट को बढ़ा इजाफा किया और इसे 27086 करोड़ रुपए कर दिया।

सरकार ने स्वास्थ्य बजट का इजाफा करके कई योजनाओं को बेहतर और सुचारू रूप से आगे बढ़ाने का फैसला लिया जिसका असर दिखाई पड़ रहा है। प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना,आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान और प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन स्कीम के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हेल्थ वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए सरकार ने 7350 करोड़ रुपए का आवंटन किया।
इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करना है। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना के तहत 952 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया, जिसकी मदद से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लैब को स्थापित किया जा रहा है।
इसके साथ ही आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के लिए 300 करोड़ रुपए दिए गए। अस्पतालों में कैशलेस इलाज की व्यवस्था की गई है। प्राइवेट अस्पतालों में भी इसकी सुविधा लोगों को मिल रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत इस योजना का लाभ दिया जा हाँ है। इसके लिए 150 करोड़ रुपए का बजट आवंटन किया गया है।
प्रदेश में 65 मेडिकल कॉलेज है,जिसमे से 35 प्रदेश सरकार द्वारा संचालित किए जा रहे हैं जबकि 30 प्राइवेट हैं। 45 जिलों में मेडिकल कॉलेज है, 14 जिलों में मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है जिन्हें केंद्र सरकार के फंड से बनाया जा रहा है।


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