Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि विकसित बुनियादी सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी, कुशल जनशक्ति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुविधाओं से युक्त हरियाणा को सदैव एक औद्योगिक पावर हाउस माना गया है। उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वित्त वर्ष 2024-2025 के बजट में उद्योग क्षेत्र के लिए 922.98 करोड़ रुपए आवंटित करने का प्रस्ताव है। जो कि चालू वर्ष के 793.80 करोड़ रुपए के संशोधित अनुमानों की तुलना में 16.27 प्रतिशत की वृद्धि है।
उन्होंने कहा कि जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र भारत में सबसे तेजी से विकसित क्षेत्रों में से एक है। जैव प्रौद्योगिकी इको सिस्टम में अनुसंधान और विकास केंद्र, कुशल जनशक्ति की उपलब्धता, उद्योगों के लिए प्रोत्साहन और क्लस्टर्ड सामान्य बुनियादी ढांचे शामिल हैं। हरियाणा की भारत में जैव प्रौद्योगिकी पावरहाउस के रूप में उभरने की क्षमता है। जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उद्योगपतियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद अगले 6 महीनों में एक जैव-प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन नीति को अधिसूचित करने का प्रस्ताव करता हूं। जो कि जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश और नवाचार को आकर्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक EV30@30 अभियान का समर्थन करता है। जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक कम से कम 30 प्रतिशत नए इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री करना है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने हरियाणा इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2022 शुरू की है। अब तक 12 योजनाओं को इस नीति के तहत अधिसूचित किया गया है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में ड्रोन प्रौद्योगिकी एक आधुनिक उद्योग के रूप में उभर रही है। कई क्षेत्रों में इसका उपयोग किया जाएगा। सरकार का मानना है कि ड्रोन निर्माण और ड्रोन आधारित इमेजिंग सेवाओं में हरियाणा को अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। हरियाणा में ड्रोन निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड स्थापित करने का प्रस्ताव है। फंड का विवरण उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा अलग से अधिसूचित किया जाएगा।


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