Haryana News: हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने कहा है कि प्रदेश में पंचायतों को ज्यादा अधिकार देकर सशक्त बनाया गया है। गांवों में छोटे और तुरंत प्रभाव से कराने वाले कार्य के लिए ई-टेंडर प्रणाली से छूट दी गई है। ग्राम पंचायतें अब पंचायत की आमदनी में से पचास प्रतिशत हिस्सा पांच लाख से कम लागत के काम को बिना ई-टेंडर से कोटेशन आधार पर करवा सकती है।
मंत्री बबली जिला फतेहाबाद के जाखल में गांव नरेल, उदयपुर, जाखल, तलवाडा, साधनवास, सिधानी, मुंदलिया, म्योंद खुर्द, म्योंद कलां, भुरथली ढाणी, लेहरादेह, शक्करपुरा, मूसाखेड़ा, रूपावालीं, दीवाना और ढेर में छ: करोड़ रुपए की लागत की से विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण उपरांत ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे।

इस दौरान बबली ने कहा कि ग्रामीण विकास के कार्यों को गति देने व समयबद्ध तरीके से करवाने के उद्देश्य से सोशल ऑडिट कमेटी बनाई गई है। इसके अलावा, निगरानी कमेटी बनाई गई है। जो विकास कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि इन समितियों के गठन से ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि कुछ ग्राम पंचायतों और जनप्रतिनिधियों का सुझाव आया था कि कुछ कार्य तुरंत कराने वाले होते हैं। उनमें लागत भी कम होती है तो उनके सुझाव पर सरकार ने निर्णय लिया कि पंचायतें अपनी आमदनी में से पचास प्रतिशत हिस्सा पांच लाख से कम के लागत के कोटेशन आधार पर करवा सकेगी। इससे ग्राम में पारदर्शिता भी बनी रहेगी और तुरंत होने वालों कामों में तेजी आएगी।
मंत्री बबली ने कहा कि गावों में भी शहरों जैसी सुविधाएं हों। उसके लिए विभाग में नौ सूत्री कार्यक्रम तैयार किए हैं। विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा गांवों में जलघर, ई-लाइब्रेरी, व्यायामशाला, महिला सांस्कृतिक केंद्र व बहुउद्देशीय सामुदायिक भवन व जोहड़ों का नवीनीकरण जैसे बहुत से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं।


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