Haryana News: मनोहर लाल खट्टर सरकार ने कौशल रोजगार निगम के तहत हरियाणा के 986 लोगों को जॉब ऑफर लेटर भेजे। इतना ही नहीं, खट्टर सरकार ने कच्चे कर्मचारियों को ठेकेदारों के चंगुल से बचाने के लिए आउटसोर्सिंग को पॉलिसी को तर्कसंगत बनाकर लगभग 90 हजार से अधिक कर्मचारियों को विभिन्न विभागों में समायोजित करके तोहफा दिया है।
चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से बातचीत करते हुए सीएम खट्टर ने यह जानकारी दी। इस दौरान सीएम खट्टर ने कहा कि HKRN यानी हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से हम लगातार पारदर्शी भर्तियां कर रहे हैं। इसमें कुछ लोगों तो ऐसे है जो पहले से चले आ रहे है आउटसोर्सिंग पर उन्हें पक्का किया गय है।

वहीं, आज 986 और लोगों को नौकरी के ऑफर लेटर भेजे गए हैं। इस दौरान सीएम खट्टर ने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम के लिए पैरामीटर बनाए गए है, जो जल्द ही सभी के सामने होंगे। कहा कि पहले से अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम में पोर्ट किया गया है और नये सिरे से भी लोगों को नौकरी दी जा रही है।
बता दें कि कच्चे कर्मचारियों को ईपीएफ अंशदान व ईएसआई के नाम पर ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे शोषण की शिकायतों को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया है और कर्मचारियों को एक ही छत्त के नीचे सभी सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम का गठन करवाया है।
इतना ही नहीं, सीएम खट्टर मानते हैं कि लोकतंत्र में कर्मचारी सरकार चलाने के लिए अहम कड़ी होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए गत 9 वर्षों में सरकारी कर्मचारियों की नियमित भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से मेरिट आधार पर पूरा कर 1 लाख 10 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी दी हैं।
इसके अलावा लगभग 60 हजार से अधिक पदों की भर्ती प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है। जिन विभागों में तत्काल कार्य बल की आवश्यकता है, उसे पूरा करने के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम एक अहम भूमिका निभा रहा है। लगभग 20 दिनों में कर्मचारियों को नौकरी के जॉब ऑफर लेटर जारी किए जाते हैं।


Click it and Unblock the Notifications