Haryana News: हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने कहा कि राज्य सरकार एक व्यापक शहरी गैस वितरण नीति लाने की तैयारी कर रही है। इस नीति का उद्देश्य एक निर्धारित समय सीमा के भीतर गैस पाइपलाइनों की स्थापना के लिए अनुमोदन प्रक्रिया में तेजी लाना है। यह नीति प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, राज्य में गैस बुनियादी ढांचे के विकास को आगे बढ़ाने के लिए सही समय पर अनुमति सुनिश्चित करने की दिशा में सक्रिय कदम है।
मुख्य सचिव ने आज यहां इस मुद्दे पर एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सभी हितधारक विभागों को विचार-विमर्श कर शहरी गैस वितरण नीति की प्रक्रिया को जल्द से जल्द अंतिम रूप देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि घरों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक सुविधाओं और परिवहन क्षेत्र में गैस की मांग और उपयोग का विस्तार करने के लिए शहरी गैस वितरण नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार रणनीतिक रूप से व्यापक सीजीडी बुनियादी ढांचे के कार्यान्वयन की योजना बना रही है। जो हरियाणा को गैस आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने में मदद करेगी और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करेगी।
यह नीति विशेष रूप से गैस सीएनजी और पीएनजी पाइपलाइन बिछाने के लिए आवश्यक मंजूरी देने पर केंद्रित है। सीएनजी स्टेशनों, भंडारण सुविधाओं, पंपिंग स्टेशनों आदि की स्थापना के लिए, लाइसेंसधारी को उचित प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद स्वतंत्र रूप से उपयुक्त प्राधिकारी से एनओसी तथा अनुमति प्राप्त करने की आवश्यकता होगी।
प्रस्तावित नीति मुख्य रूप से पाइपलाइन स्थापना के लिए प्राधिकरण देने पर केंद्रित होगी। अधिकृत इकाई हर स्तर पर सार्वजनिक सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाएगी। जिसमें स्थापना, रखरखाव और शहरी गैस वितरण नेटवर्क से संबंधित कोई भी गतिविधि शामिल होगी। अधिकृत इकाई के लिए पूरी प्रक्रिया के दौरान व्यापक सुरक्षा उपाय लागू करना अनिवार्य है। इसके अलावा वे किसी भी संभावित दुर्घटना या जीवन या संपत्ति को होने वाली क्षति के खिलाफ स्थानीय प्राधिकारी को क्षतिपूर्ति देने के लिए बाध्य हैं। चाहे वह निष्पादन के दौरान हो या निष्पादन के बाद के चरण में हो। इसमें सीजीडी नेटवर्क बिछाने के लिए उपयोग के अधिकार और रास्ते के अधिकार की अनुमति भी शामिल होगी। इसे परियोजना की अन्य सुविधाओं जैसे सीएनजी स्टेशन, भंडारण सुविधाएं, पंपिंग स्टेशन आदि पर लागू नहीं किया जाएगा। सीएनजी स्टेशन, गैस भंडारण सुविधाओं, गैस पंपिंग की स्थापना के लिए मंजूरी देते समय स्टेशन इत्यादि संबंधित मास्टर प्लान के प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए। अनुमतियां देने के लिए एक सुव्यवस्थित 45 दिवसीय समय-सीमा स्थापित की जाएगी। बैठक में बताया गया कि हरियाणा में सीएनजी और पीएनजी बुनियादी ढांचे का विकास आठ प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा संचालित किया जा रहा है।


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