Haryana News: हरियाणा में फॉरेस्ट कवर बनाने और युवाओं की आर्थिक मदद के लिए मनोहर सरकार ने वन मित्र नाम से नई योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत हर साल 7500 युवाओं को वन मित्र बनाया जाएगा।
वन मित्र बनने वाले युवाओं से पौधरोपण करवाया जाएगा और अगले 4 वर्षों तक पौधों की देखने का जिम्मा उन्हीं युवाओं के पास होगा। इसके बदले उन्हें एक मुश्त के अलावा अगले 4 वर्षों तक आर्थिक मदद भी दी जाएगी।
सरकार को यह कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि वन विभाग द्वारा हर वर्ष पौधारोपण करने के बाद भी राज्य में वन एरिया में बढ़ोतरी नहीं हो रही थी। विभाग में पौधारोपण के नाम पर कई बार फर्जीवाड़े भी सामने आ चुके हैं। वन विभाग द्वारा लगाए जाने वाले पौधों का सक्सेस रेट भी काफी कम होता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए वन मित्र योजना बनाई गई है। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को चंडीगढ़ में वनमित्र पोर्टल लॉन्च किया। इस योजना में केवल वही युवा शामिल हो सकेंगे। जिनके परिवार की सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपए से कम है।
युवा अब योजना में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे। पहले चरण में 7500 युवाओं का चयन होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान युवाओं को बताना होगा कि वह किस एरिया में पौधारोपण करना चाहते हैं। पौधों का प्रबंध सरकारी नर्सरींयों द्वारा किया जाएगा।
सरकार की कोशिश होगी कि युवाओं को कम से कम ढाई से 3 फीट ऊंचाई के पौधे मुहैया कराए जाए। एक युवा 1000 तक पौधे रोप सकेगा। इसकी सीमा अधिक भी हो सकती है।
वन मित्र द्वारा पौधारोपण से पहले गड्ढे खोदे जाएंगे। गड्ढे खोदने के बाद प्रति गड्ढे के हिसाब से वन मित्र को 20 रुपए दिए जाएंगे। सरकार जीपीएस के जरिए सरकार इनकी मॉनिटरिंग करेगी। पौधारोपण होने के बाद 30 रुपए प्रति पौधे के हिसाब से मिलेंगे।
इसके बाद पौधे में सिंचाई और इसकी देखरेख का जिम्मा संबंधित वन मित्र का होगा। वन मित्र को पहले साल 10 रुपए, दूसरे साल 8, तीसरे साल 5 और चौथे साल 3 रुपए प्रति पौधे के हिसाब से सरकार की ओर से मदद की जाएगी।
वन मित्रों ने अगर किसी निजी जमीन पर पौधारोपण किया है तो 4 वर्षों बाद भूमि मालिक को सभी पौधे हैंडओवर कर दिए जाएंगे। जमीन अगर किसी संस्था या पंचायत की है तो संबंधित पंचायत और संस्था को 4 वर्षों के बाद पौधों को सौंप दिया जाएगा। इसके लिए भूमि मालिक को शपथ पत्र देना होगा कि हैंडओवर के बाद अगले 10 वर्षों तक वह पेड़ों की कटाई नहीं कर सकेंगे। इतना ही नहीं पहले साल वन मित्र बने युवा अगर चाहेंगे तो अगले साल भी इस योजना के साथ जुड़े रह सकेंगे।
इस योजना में सरकार ने स्पष्ट किया है कि हरियाणा के परंपरागत पेड़ों पर ही योजना का लाभ वन मित्रों को दिया जाएगा सफेद पॉपुलर और किसी से जुड़े पौधों पर आर्थिक मदद नहीं दी जाएगी यानी वन मित्रों को आम जामुन शीशम बरगद पीपल नीम अर्जुन जैसे छायादार और फलदार पौधों पर योजना का लाभ मिलेगा।
वन मित्र अगर 4 साल से पहले योजना से बाहर होना चाहता है तो उसे स्थिति में वन विभाग द्वारा पौधों की देखरेख की जाएगी हालांकि वन मित्र चाहेंगे तो किसी अन्य को भी यह हैंडोवर कर सकेंगे।
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