Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में केवल प्रॉपर्टी आईडी के आधार पर रजिस्ट्रियां हों। इस दिशा में सरकार प्रयास कर रही है। पहले चरण में सोनीपत और करनाल जिला को लिया गया है। इस व्यवस्था के लागू होने से इंतकाल की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। केवल प्रॉपर्टी आइडी के आधार पर ही रजिस्ट्रियां होगी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर बुधवार को यहां हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान एक सदस्य द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रहे थे। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि रेवेन्यू रिकॉर्ड में पहले शहरी क्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्र के साथ एक और श्रेणी अन्य क्षेत्र का भी प्रावधान था। शहरी क्षेत्र में संपत्ति का रिकॉर्ड स्थानीय निकाय और ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित विभाग द्वारा करवाया जाता था। लेकिन अन्य क्षेत्र का प्रावधान होने से एक लूप-हॉल दे दिया गया था। इस अन्य क्षेत्र के प्रावधान के कारण पहले कुछ लोग किसी न किसी तरीके से रजिस्ट्रियां करवा लिया करते थे। लेकिन वर्तमान राज्य सरकार ने अब इस अन्य क्षेत्र के प्रावधान को खत्म कर दिया। इसलिए कुछ लोगों को तकलीफ होने लगी है।

उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी आईडी केवल संपत्ति की पहचान है। लेकिन मलकीयत का सबूत नहीं है। प्रदेश में चल रही लार्ज स्केल मैपिंग परियोजना के तहत शहरी क्षेत्रों में मैपिंग करवाई जा रही है। रेवेन्यू रिकॉर्ड के साथ सत्यापन होने के बाद यह डाटा प्रमाणिक हो जाएगा। उसके बाद इंतकाल की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बल्कि प्रॉपर्टी आईडी के आधार पर ही रजिस्ट्रियां हो जाया करेगी।


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