Haryana News: हरियाणा सरकार किसानों की आय में बढ़ोतरी करने और फसल विविधीकरण के लिए बागवानी फसलों में होने वाले नुकसान से राहत के लिए एक योजना चला रही है। मुख्यमंत्री भावांतर भरपाई योजना और बागवानी बीमा योजना के तहत किसान फसल की खेती के दौरान और उसके उत्पादन के बाद होने वाले नुकसान से राहत मिलती है।
डीसी प्रशांत पवार के मुताबिक किसने की आय में बढ़ोतरी करने और फसल विविधीकरण के तहत लगाई गई बागवानी फसलों में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भावांतर भरपाई योजना और बागवानी बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से बागवानी खेती करने वाले किसान फसल की खेती के दौरान और उसके उत्पादन के बाद होने वाले जोखिमों को कम कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा शुरू की गई भावांतर भरपाई योजना और बागवानी बीमा योजना बागवानी किसानों के लिए एक अभूतपूर्व योजना है। इस योजना में आलू, फूलगोभी, गाजर, मटर, टमाटर, प्याज, शिमला, मिर्च, बैंगन, भिंडी, मिर्च, करेला, बंद गोभी, मूली, कन्नू, अमरुद, चीकू, आडू, आलूबुखारा, आम, नाशपाती, लीची, लहसुन व हल्दी आदि को सूचीबद्ध किया गया है। इन सभी फसलों के सुरक्षित मूल्य सरकार द्वारा पहले से निर्धारित किए गए हैं।
डीसी ने बताया कि इस योजना के तहत सब्जियों और मसाले पर 30 हजार रुपए प्रति एकड़ का बीमा किया जाएगा। इसके लिए किसान को 750 रुपए प्रति एकड़ भुगतान करना होगा। वहीं फलों की खेती पर 1000 रुपए प्रति एकड़ प्रीमियम देकर किसान 40 हजार प्रति एकड़ का बीमा करवा सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए उत्पादक का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है।


Click it and Unblock the Notifications