Haryana News: हरियाणा के पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर द्वारा करनाल में बच्चों की देखभाल के लिए शुरू किए गए क्रेच से महिला पुलिसकर्मियों में खुशी का माहौल है। हरियाणा पुलिस द्वारा शुरू की गई इस ऐतिहासिक पहल के तहत प्रदेश भर में 34 ऐसे क्रश खोले जाने की योजना है। ताकि कामकाजी महिला पुलिसकर्मियों के बच्चों को अच्छी देखभाल मिल सके और वे चिंतामुक्त होकर ड्यूटी पर जा सके।
इस बारे में जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि महिला पुलिसकर्मियों के बच्चों का अच्छे से पालन पोषण हो सके। इसके लिए हरियाणा पुलिस द्वारा प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कार्यरत महिला पुलिसकर्मियों से फीडबैक लेते हुए हर जिला की पुलिस लाइन में क्रेच खोले जाने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने बताया कि इस पहल को महिला एवं बाल विकास विभाग तथा हरियाणा पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किया गया है। जिसके तहत प्रदेश के 24 जिलों में क्रेच स्थापित किए जा चुके हैं और 10 अन्य जिलों में इनको स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने बताया कि करनाल में शुरू किए गए क्रेच में बच्चों को अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। यहां पर बच्चों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित हेल्पर तथा वर्कर तैनात की गई है। ताकि बच्चों की अच्छे से देखभाल हो सके। इसके अलावा यहां पर आने वाले बच्चों के संपूर्ण पोषण के लिए समुचित आहार का प्रबंध भी किया गया है। ताकि बच्चे स्वस्थ रहें। यहां पर बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दिए जाने की व्यवस्था करते हुए अलग-अलग प्रकार के खेल उपकरण लगाए गए हैं। ताकि बच्चे खेल-खेल में अच्छी आदतों को सीख सके। इन क्रेच की सबसे अच्छी बात यह है कि यहां पर बच्चों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी इंस्टॉल किए गए हैं। जिन्हें इंटरनेट के साथ जोड़ा गया है। अभिभावक इन सीसीटीवी कैमरो का आउटपुट अपने मोबाइल पर देख सकते हैं। जिससे वे ड्यूटी के दौरान अपने बच्चे की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। इतना ही नहीं हरियाणा पुलिस द्वारा बच्चों को मानसिक व शारीरिक रूप से सशक्त बनाने के लिए काउंसलर तथा मनोवैज्ञानिकों की भी नियुक्ति की जा रही है।
क्रेच में अपने 2 साल के बेटे युवांश गिल को भेजने वाली कांस्टेबल सुनंदा ने हरियाणा पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस लाइन में क्रेच के खुलने से उन्हें काफी राहत मिली है। अब वे बेफिक्र होकर ड्यूटी पर जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि क्रेच का वातावरण ना केवल सुरक्षित है। बल्कि वहां पर बच्चों को अच्छी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इसी प्रकार का फीडबैक कांस्टेबल नवदीप ने दिया। उन्होंने कहा कि वे अपनी ढाई साल की बेटी को क्रेच में भेज रही हैं। उन्होंने कहा कि वहां पर उनकी बेटी की अच्छे से देखभाल हो रही है। वहां की केयर टेकर अच्छे से ध्यान रखती है। जिससे वे काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि अब वे परिवार और अपनी नौकरी में अच्छे से सामंजस्य स्थापित कर पा रही हैं।
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