Haryana News: हरियाणा में शहरी क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से विकास सुनिश्चित करने की दिशा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एक और पहल करते हुए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को शीघ्र अति शीघ्र ई-भूमि पोर्टल, लैंड पूलिंग पॉलिसी या एग्रीगेटर के माध्यम से 5 हजार एकड़ भूमि खरीदने के निर्देश दिए हैं। ताकि संस्थागत ढंग से सेक्टर विकसित किए जा सके। सरकार के इस कदम से अवैध कॉलोनियों के पनपने पर रोक लगेगी।
मुख्यमंत्री हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने यह निर्देश बुधवार को यहां हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की 126वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।

सीएम खट्टर ने कहा कि प्राधिकरण अपनी सभी संपत्तियों की चाहे वह आवासीय या वाणिज्यिक या संस्थागत हो। सभी को सूचीबद्ध करे। उन्होंने निर्देश दिए कि फील्ड में संपदा अधिकारियों के पास नागरिकों द्वारा जमीन से संबंधित दिए गए किसी भी प्रकार के आवेदनों की जानकारी मुख्यालय को अनिवार्य तौर पर दी जाए।
बैठक में कर्मचारी राज्य बीमा से जुड़े बीमाकृतों तथा उनके आश्रितों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने हेतु विभिन्न जिलों में ईएसआई डिस्पेंसरियों के निर्माण हेतु जमीन आवंटन को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि जिला अंबाला में मुलाना, जिला गुरुग्राम में फरूखनगर, जिला झज्जर में दादरी तोय व झाड़ली, जिला करनाल में तरावड़ी व घरौंडा, जिला रेवाड़ी में कोसली, जिला यमुनानगर में छछरौली तथा चरखी दादरी और बरसात रोड पानीपत में ईएसआई डिस्पेंसरियां स्थापित की जाएगी। साथ ही हिसार में लगभग 100 बैड की सुविधाओं वाला ईएसआई अस्पताल भी बनाया जाएगा। जिसके लिए पहले ही जमीन आवंटित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा सरकारी विभागों को कम कीमतों पर जमीन आवंटित करने के लिए बनाई गई नीति को मंजूरी प्रदान की गई। इस नीति के तहत अब जनहित में विकास कार्यों हेतु एचएसवीपी द्वारा विभिन्न सरकारी विभागों को 50 प्रतिशत दर पर जमीन आवंटित की जाएगी। हालांकि यह नियम केवल विभागों पर ही लागू होगा। बोर्ड व निगमों को निर्धारित दरों पर ही जमीन का आवंटन किया जाएगा।
बैठक में जानकारी दी गई कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के इंजीनियरिंग विंग में कार्यरत कर्मचारियों की मृत्यु के उपरांत अनुकंपा आधार पर उनके आश्रितों को नौकरी दी गई। इनमें रिशब, नमित, राहुल तथा शिवम शामिल हैं।
बैठक में मुख्य सचिव संजीव कौशल, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी उमाशंकर, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक टीएल सत्यप्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


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