Haryana News: हरियाणा रोहतक में एमडीयू में जल्दी ही शिक्षकों की बड़े स्तर पर भर्ती होगी। नई भर्तियों पर सात साल बाद स्टे हटने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। यह भर्ती आरक्षण की रोस्टर प्रणाली के तहत होगी। इससे आरक्षित वर्ग के वंचित बेरोजगारों को भी रोजगार की आस जगी है।
एमडीयू में नई भर्तियों पर पिछले सात साल से रोक लगी थी। यहां रोस्टर प्रणाली को भर्ती प्रक्रिया में लागू नहीं करने के चलते वंचित तबके ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। इससे पिछले 10 वर्ष से शिक्षक बनने की राह ताक रहे बेरोजगारों को राहत पहुंचेगी। अंतिम भर्ती 16 दिसंबर 2016 को तत्कालीन कुलपति प्रो. बीके पूनिया ने निकाली थी।
इसमें आरक्षण प्रणाली का जिक्र नहीं होने के चलते एससी व बीसी श्रेणी के युवाओं को लाभ नहीं मिल रहा था। इसके चलते अदालत में याचिका दायर की गई। अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला जारी करते हुए भर्ती पर लगा स्टे हटा दिया है।

शिक्षकों में 15 पद प्रोफेसर के पद शामिल
कोर्ट से स्टे हटने के साथ एमडीयू को 34 विभागों में 157 शिक्षकों की भर्ती की मंजूरी भी मिल गई है। इसमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। इनमें से 15 पद प्रोफेसर के हैं। यह पद आरक्षण प्रणाली के तहत भरे जाने की उम्मीद है। इसके लिए विवि प्रशासन ने रजिस्टर अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विवि प्रशासन के अनुसार वर्ष 1988 तक का रिकाॅर्ड तैयार है। पिछला रिकॉर्ड भी जल्द ही अपडेट कर दिया जाएगा।
एक विभाग में तो एक भी नहीं, ज्यादातर में एक-एक प्रोफेसर
एमडीयू में अरसे से शिक्षकों की भर्ती नहीं होने के चलते हालात गड़बड़ाए हुए हैं। हालात यह हैं कि इतिहास विभाग में तो एक भी प्रोफेसर नहीं है। जबकि डिफेंस एंड स्ट्रेटेजिक स्टडी, पब्लिक एड, सोशियोलॉजी समेत कुछ अन्य विभागों में महज एक-एक ही प्रोफेसर शेष हैं। इनके जाने बाद विभाग में कोई पढ़ाने वाला नहीं रहेगा।
एमडीयू के कुलसचिव प्रो. गुलशन तनेजा का कहना है कि एमडीयू में भर्ती प्रक्रिया पर स्टे लगा था। इसे अदालत ने हटा दिया है। अब जल्दी ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। इससे विवि के विभिन्न विभागों में शिक्षकों की कमी दूर होगी।


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