हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार लोगो को बेहतर स्वास्थ्य लाभ देने के लिए लगातार बड़े प्रयास कर रही है। इसी दिशा में प्रदेश की खट्टर सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए फैसला लिया है कि राज्य सरकार के सरकारी स्कूलों में काम करने वाले मिड डे मील कर्मियों को अब पांच लाख रुपए तक की वार्षिक चिकित्सा का लाभ दिया जाएगा। यही नहीं इसके लिए इन कर्मियों को साल में सिर्फ एक बार 1500 रुपए अपनी सैलरी से कटवानी पड़ेगी।
सरकारी स्कूलों के इन कर्मियों को इस राशि का भुगतान करने के बाद प्रदेश के किसी भी अस्पताल में पांच लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त मिलेगा। हरियाणा सरकार कौशल रोजगार निगम के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को पहले से ही स्वास्थ्य बीमा की इस योजना के तहत ला चुकी है। लेकिन सरकार की इस योजना का लाभ अब सरकारी स्कूल के कर्मचारियों को भी मिलेगा।

सरकार का यह कदम उन तमाम कर्मियों के लिए बड़ी राहत का काम रेगा जो ठेकेदारों के चंगुल में फंसे हैं। हरियाणा सरकार ने ठेकेदारों के चंगुल से इन कर्मियों को बाहर निकालकर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के लिए पंजीकृत कराने का काम शुरू किया है। अलग-अलग सरकारी विभाग, बोर्ड और निगमों के तहत इन कर्मियों के साथ अनुबंध किया जाता है, इन कर्मियों का पीएफ भी कटता है। ऐसे कर्मचारियों को प्रदेश सरकार पीएफ में कटौती करके उन्हें तमाम तरह की सुविधाएं मुहैया कराने का काम कर रही है।
हरियाणा में मौलिक शिक्षा निदेशक की ओर से अधिकारियों को आदेश भेज दिया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वह मिड डे मील वर्कर्स का डाटा मुख्यालय भेजे, ताकि जो भी कर्मचारी एच्छिक तौर पर इस स्कीम का फायदा उठाना चाहता है उसका रजिस्ट्रेशन किया जा सके।


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