हरियाणा में खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार लगातार अहम कदम उठा रही है। पंचकूला जिले में मोरनी क्षेत्र में किसानों को आलू की खेती से किसानों को काफी लाभ हो रहा है। यहां किसान आलू की खेती में खास तौर पर ध्यान दे रहे हैं। इससे किसानों को काफी मुनाफा भी हो रहा है। किसान पहले यहां सिर्फ परंपरागत खेती करते थे, जिसमे मुख्य रूप से सरसों, तिल, टमाटर, गेंहू, मक्का आदि शामिल था।
जिस तरह से जंगली जानवर खेत में इन फसलों को नुकसान पहुंचाते थे, उसकी वजह से किसानों ने इन फसलों को उगाना बंद कर दिया था। लेकिन अब आलू की खेती का किसानों को काफी फायदा हो रहा है। हरियाणा सरकार किसानों को अनुदान भी दे रही है, जिससे किसानों के हौसले बुलंद हैं। आलू की खेती के लिए किसानों को एक रुपए भी खर्च नहीं करने पड़ते हैं। सरकार पूरे खर्च को वहन करती है।

आलू की खेती की खासियत यह है कि आलू के पौधे कुछ ही महीनों में तैयार हो जाते हैं। छोटी सी जगह पर आलू की पैदावार काफी होती है। किसानों को एक लाख आलू के पौधे उगाने पर दो रुपए के हिसाब से दो लाख रुपए मिलते हैं, जिसकी वजह से किसानों को काफी फायदा हो रहा है। जिसकी वजह से किसान सरकार का भी धन्यवाद कर रहे हैं। मोरनी क्षेत्र में आलू की खेती का समय जून से दिसंबर माह तक होता है। यहां भी किसानों को आलू की खेती से काफी लाभ हो रहा है।
हरियाणा सरकार और इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर किसानों को मुफ्त में आलू की पैदावार के लिए बीज मुहैया करा रहा है। यही वजह है कि किसानों को आलू की खेती में एक रूपए का भी खर्च नहीं आता है और किसानों की अच्छी कमाई हो रही है। प्रदेश सरकार किसानों के लिए कई योजनाएं चला रही है। किसानों को सब्सिडी भी दी जा रही है। सस्ता लोन दिया जा रहा है, जिससे वो छोटे उद्योग शुरू कर सके।


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