हरियाणा सरकार प्रदेश में ई-श्रम पोर्टल को मजबूती से लागू कर रही है जिससे कि अधिक से अधिक श्रमिकों को इस पोर्टल पर जोड़ा जा सके। इस पोर्टल की शुरुआत भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से की गई थी। इस डिजिटल पोर्टल के जरिए कृषि मजदूर, रेहड़ी-पटरी वालों, घर में काम करने वालों, दिहाड़ी मजदूर, असंगठित मजदूरों सहित हर तरहके श्रमिकों को जोड़ा जा रहा है। सरकार इसके जरिए सरकारी योजनाओं और कल्याण कार्यक्रमों को इन श्रमिकों तक पहुंचाना चाहती है।
श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने कहा कि ई श्रम पोर्टल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से कहीं अधिक है। इसके जरिए असंगठित श्रमिकों के जीवन में बड़ा बदलाव आ सकता है। लिहाजा अधिक से अधिक श्रमिकों को इस पोर्टल से जोड़ने की कोशिश होनी चाहिए।

मौजूदा समय में असंगठति श्रमिकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, इसी को ध्यान में रखते हुए इस श्रम पोर्टल की शुरुआत की गई है, ताकि इसप अधिक से अधिक श्रमिकों को जोड़कर उनकी समस्याओं का निदान किया जा सके और उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सके। सरकार ई श्रम पोर्टल पर पंजीकरण को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। हरियाणा में ई श्रम पोर्टल पर श्रमिकों को रजिस्टर करने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। सभी जिलों में इसको लेकर कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर पात्र व्यक्ति को इसमे जोड़ा जा सके।
पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद हर श्रमिक को 12 अंकों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर दिया जाता है, जिसकी वैद्यता आजीवन होती है और देशभर में लागू होता है। इस यूएएन के जरिए श्रमिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा सहित सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी तमाम योजनाओं का लाभ मिलता है। इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए श्रमिक की आयु 16-59 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वह ईपीएफओ, ईएसआईसी का सदस्य नहीं होना चाहिए, वह आयकर ना देता हो। श्रमिक के रजिस्ट्रेशन के लिए उसके आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाता की जरूरत होती है। इन दस्तावेजों के माध्यम से श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन eshram.gov.in पर किया जा सकता है।


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