Haryana News: एक करोड़ से अधिक लोगों को हरियाणा में 'चिरायु हरियाणा योजना' के तहत बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही है। तो वहीं, अब मनोहर लाल सरकार ने इस योजना का दायरा और अधिक बढ़ाने का फैसला लिया है। इस योजना में आशा वर्कर्स के साथ-साथ एचकेआरएन कर्मचारी और एनएचएम के अनुबंध कर्मचारियों को भी इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
हरियाणा सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का लाभ अंत्योदय परिवारों तक पहुंचाने के साथ-साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा शुरू गई चिरायु हरियाणा योजना के माध्यम से आज प्रदेश की आधी आबादी को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है।

खट्टर सरकार द्वारा शुरू की गई चिरायु हरियाणा योजना के माध्यम सरकारी व निजी अस्पतालों में ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज किया जा रहा है। अब तक कुल 1 करोड़ 3 लाख से अधिक आयुष्मान-चिरायु कार्ड बनाये जा चुके हैं, इसमें 74,33,548 चिरायु कार्ड तथा 28 लाख 89 हजार आयुष्मान कार्ड शामिल हैं।
आयुष्मान-चिरायु हरियाणा योजना के तहत प्रदेश में लगभग 9 लाख मरीजों के इलाज के लिए 1130 करोड़ रुपये से अधिक के क्लेम दिए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, नववर्ष में सीएम मनोहर लाल खट्टर ने एक और बड़ी सौगात देते हुए आशा वर्कर्स सहित अन्य श्रेणियों को भी इस योजना में लाने का निर्णय लिया है।
सीएम खट्टर ने बताया कि 1 जनवरी, 2024 से 4754 आशा वर्कर्स, 24051 एचकेआरएन कर्मचारी तथा एनएचएम के 7814 अनुबंध कर्मचारियों को भी योजना के अंतर्गत लाभ प्रदान किया जाएगा। लाभार्थी परिवार के सदस्य सफल ई-केवाईसी और आयुष्मान चिरायु कार्ड बनवाने के लिए अपने निकटतम नागरिक सेवा केंद्रों या सार्वजनिक अस्पतालों में पीएमएएम काउंटर पर जा सकते हैं।
इसके अलावा, लाभार्थी chirayuayushmanharyana.in पर स्वयं पंजीकरण के माध्यम से अपना कार्ड बना सकते हैं। सरकार की यह दूरदर्शी योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का विस्तार, राज्य के लोगों के लिए स्वास्थ्य और आशा की किरण बन गई है। यह योजना प्रदेश के लोगों के जीवन में बदलाव ला रही है।
बता दें, शीतकालीन सत्र के दौरान सीएम खट्टर ने बताया था कि हरियाणा सरकार ने आयुष्मान भारत चिरायु हरियाणा योजना के तहत कमजोर वर्ग के लोगों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का प्रयास किया है। इतना ही नहीं, इस योजना के तहत 19 दिसंबर 2023 तक कुल 1,00,48,464 कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस योजना के तहत प्रदेश में कुल 715 अस्पताल सूचीबद्ध हैं, जिनमें 539 निजी अस्पताल और 176 सरकारी अस्पताल शामिल हैं।


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