पंजाब सरकार में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब की उत्पाद शुल्क नीति में संशोधन की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्रीय पुलिस संगठनों को नई उत्पाद शुल्क नीति में राहत दी गई है। एल-1 लाइसेंस शुल्क 5 लाख रुपए से घटाकर 25 हजार रुपए कर दिया गया है। वहीं आयातित शराब की कीमतें इस वर्ष कम होंगी। । इसे शुल्क स्ट्रक्चर में बदलाव किया जाएगा। गौर करने वाली बात है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में प्रदेश की नई उत्पाद शुल्क नीति में संशोधन को मंजूरी दी गई है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सिक्योरिटी राशि को 17 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। नई नीति यह भी सुनिश्चित करती है कि सभी लाइसेंसधारी ईपीएफ/ईएसआई अग्नि सुरक्षा और बिल्डिंग कोड जैसे अनिवार्य नियमों का पालन करें। नकली शराब की समस्या से निपटने के लिए एक नई व्यवस्था के तहत शाही समारोह, महलों आदि में शराब की खबत के बाद शराब की बोतलों को आबकारी निरीक्षकों की देखरेख में तोड़ना अनिवार्य है।

इसके साथ ही बार लाइसेंसधारियों को अब स्वैच्छिक अल्कोहल स्तर के मूल्यांकन के लिए ग्लूकोमीटर प्रदान करना होगा। साथ ही यह सुनिश्चत करना होगा कि सुरक्षित रहें-शराब पीकर गाड़ी न चलाएं संदेश के साथ जिम्मेदार शराब पीने को बढ़ावा देने वाले साइनेज प्रदर्शित करने होंगे। चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की सार्वजनिक सुरक्षा और जिम्मेदार शराब खपत के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।


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