पिछले तीन वर्षों से अधिक दिल्ली की हरदयाल लाइब्रेरी के कर्मचारियों को वेतन ना मिलने की समस्या अब हल हो चुकी है। इस हफ्ते सैलरी मिलने के बाद एमसीडी शासित हरदयाल लाइब्रेरी कर्मचारी सीएम केजरीवाल से मिले और उन्हें धन्यवाद दिया। इस दौरान कर्मचारियों के साथ दिल्ली नगर निगम की मेयर डॉ. शैली ओबेराय भी मौजूद रही। अगले दिन गुरुवार को सीएम ने एक बयान में कहा कि 35 महीने बाद लाइब्रेरी के कर्मचारियों को वेतन मिलना एमसीडी में ईमानदार सरकार आने का परिणाम है।
हरदयाल लाइब्रेरी MCD के अधीन आती है। उसके कर्मचारियों को 35 महीनों से सैलरी नहीं मिली थी। लेकिन एमसीडी में आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद मेयर डॉ. शैली ओबेराय ने इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए थे। बुधवार को मेयर अपने प्रयास में सफर हुईं। वेतन मिलने के बाद पुस्तकालय के कर्मचारी काफी खुश नजर आए और दिल्ली की डबल इंजन सरकार को धन्यवाद दिया।

एमसीडी शासित लाइब्रेरी (Hardayal Library) के कर्मचारियों को तीन साल से अधिक समय सैलरी ना मिलने पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने नगर निगम में पूर्व के बीजेपी शासन का जिम्मेदार ठहराया और कहा कि 35 महने बाद अगर वेतन मिलता है, तो बीच कि अवधि में शासन करने वाली पार्टी इसके लिए जिम्मेदार है।
आम आदमी पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "हरदयाल लाइब्रेरी MCD के अधीन आती है। उसके कर्मचारियों को 35 महीनों से सैलरी नहीं मिली थी। एक साल से MCD में अब 'आप' की ईमानदार सरकार आ गई। आज सभी कर्मचारियों को अपने घर बुलाकर उनकी सैलरी के चेक सौंपे। ईमानदार और भ्रष्टाचारी सरकार में कितना फर्क होता है।"


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