नए भारत के ग्रोथ का डंका दुनियाभर में बज रहा है. आर्थिक ग्रोथ को लेकर एक के बाद एक आ रहे अनुमान जोश भर रहे. ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) भी इनमें से एक है. जिसने 2024 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP ग्रोथ के अपने पूर्वानुमान को बदल दिया है. ग्लोबल ब्रोकरेज की ओर से जारी नए अनुमान में 10 bps की बढ़ोतरी की गई है, जोकि अब 6.7% कर दिया है. एनलिस्ट्स को ये भी उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 2024 की चौथी तिमाही में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है.
महंगाई पर पैनी नजर
जनवरी से अप्रैल 2024 तक भारत की कोर मुद्रास्फीति औसतन 3.4% रही. गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि यह दूसरी तिमाही में सबसे कम होगी और साल की दूसरी छमाही में 4-4.5% तक बढ़ जाएगी. यह उच्च विनिर्माण लागत के विलंबित प्रभावों के कारण है. RBI ने भारत के कुछ हिस्सों में गर्म मौसम के कारण आपूर्ति संबंधी समस्याओं के कारण खाद्य मुद्रास्फीति में स्थिरता देखी है.
भीषण गर्मी और मानसून पर RBI की नजर
एनलिस्ट्स का मानना है कि आरबीआई मौद्रिक नीति में ढील देने का फैसला करने से पहले मानसून की प्रगति और गर्मियों की फसल की बुआई का इंतजार करेगा. गोल्डमैन सैक्स को उम्मीद है कि निवेश में वृद्धि जारी रहेगी, जिसे बुनियादी ढांचे पर खर्च के लिए अतिरिक्त राजकोषीय गुंजाइश से मदद मिलेगी. यह आरबीआई द्वारा उम्मीद से अधिक लाभांश हस्तांतरण के कारण है. इन कारकों पर विचार करते हुए, गोल्डमैन सैक्स ने आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती की अपनी उम्मीद को एक तिमाही के लिए टाल कर 2024 की चौथी तिमाही तक कर दिया है.

US FED सितंबर पॉलिसी में घटाएगा रेट
गोल्डमैन सैक्स की अमेरिकी अर्थशास्त्र टीम ने भी फेड की पहली ब्याज दर कटौती के अपने पूर्वानुमान को जुलाई से एक बैठक आगे बढ़ाकर सितंबर कर दिया है. उन्हें अभी भी 2024 में दो ब्याज दर कटौती की उम्मीद है. राबोबैंक इंटरनेशनल के वरिष्ठ अमेरिकी रणनीतिकार फिलिप मैरी का कहना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मुद्रास्फीति की ओर बढ़ रही है. उनका मानना है कि ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम है. साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप की संभावित वापसी से मुद्रास्फीति के नए दबाव पैदा हो सकते हैं. ये रिपोर्ट बिजनेस स्टैंडर्ड में प्रकाशित हुई थी.
RBI कब घटाएगा ब्याज दर?
ग्रोथ के पूर्वानुमान को संशोधित करने वाले नोट को गोल्डमैन सैक्स के एशिया-प्रशांत क्षेत्र के मुख्य अर्थशास्त्री और ईएम आर्थिक शोध प्रमुख एंड्रयू टिल्टन, शांतनु सेनगुप्ता और अर्जुन वर्मा ने मिलकर लिखा था. गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों का मानना है कि आरबीआई 2024 की चौथी तिमाही और 2025 की पहली तिमाही में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती कर सकता है. अमेरिकी अर्थशास्त्र टीम को उम्मीद है कि फेड सितंबर और दिसंबर में दरों में 25 आधार अंकों की कटौती करेगा.


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