उत्तर प्रदेश में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश की योगी सरकार कई तरह के कदम उठा रही है। छोटे उद्यमियों को बिजनेस शुरू करने के लिए प्रदेश सरकार नई सूक्ष्म, लघु और मध्य उद्योग नीति 2022 लेकर आई है। इस नीति में कई ऐसे प्रावधान किए गए हैं जिससे उद्यम की शुरुआत की जा सके।
सरकार छोटे उद्यमियों को हर संभव मदद कर रही है। सरकार की नई सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग नीति में उद्यमियों को 2 करोड़ रुपए तक का कोलेटरल फ्री यानि बिना गिरवी के ऋण की व्यवस्था की गई है। ऐसे में जो भी उद्यमी प्रदेश में दो उद्योग लगाना चाहते हैं और उन्हें दो करोड़ रुपए तक के लोन की आवश्यकता है, उन्हे लोन मुहैया कराने के लिए प्रदेश सरकार वन टाइम गारंटी खुद लेगी।

यानि प्रदेश सरकार की नई नीति के तहत नए सूक्ष्म उद्योग के लिए ऋण लेना काफी आसान हो गया है। सरकारकी ओर से से इसके लिए वार्षिक ब्याज दर में भी रियायत दी गई है। नई नीति के तहत वार्षिक ब्याज का 50 फीसदी प्रति ईकाई पांच वर्षों के लिए दिया जाएगा। इसमे शर्त यह है कि यह अधिकतम 25 लाख रुपए तक ही हो सकती है। महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार लोन की ब्याज पर 60 फीसदी तक की सब्सिडी दे रही है। यह सब्सिडी महिलाओं के साथ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को भी दी जा रही है। वहीं पूंजिगत निवेश पर 10-25 फीसदी तक की सब्सिडी सरकार की ओर से लोन के ब्याज पर दी जा रही है।
जिस तरह से सरकार की ओर से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग नीति 2022 में हर वर्ग के उद्यमियों का खयाल रखा गया है उससे प्रदेश में बड़ी संख्या में उद्यम की शुरुआत हो रही है। उत्तर प्रदेश में हाल ही में योगी सरकार ने रिकॉर्ड संख्या में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग लोन वितरित किए हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग के क्षेत्र में सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला प्रदेश उत्तर प्रदेश बन गया है।


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