मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सैफई में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के लोकार्पण की जानकारी देते हुए कहा जनपद इटावा स्थित सैफई में आज उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के 500 बेडेड सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर ₹147 करोड़ से अधिक लागत की 37 विकासपरक परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास के साथ ही विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति-पत्र भी वितरित किए गए। क्षेत्र वासियों को बहुत-बहुत बधाई!
विश्वविद्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, चिकित्सा राज्य मंत्री, स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव, सांसद राम शंकर कठेरिया और विधायक सरिता भदौरिया भी पहुंचीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 10 पैरामेडिकल के अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी सौंपा। अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए गेट नंबर 2-3 को सुनिश्चित किया गया था।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सैफई में मेडिकल कॉलेज बनवाने के लिए मुलाय सिंह यादव को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विश्वविद्यालय के बनने की वजह से देशभर के छात्र यहां आ रहे हैं। पहले लोग इटावा आने से डरते थे, लेकिन देश का युवा आज यहां आने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 75 के 75 जिलों में आज उत्तर प्रदेश में फ्री में डायलसिस की सुविधा उपलब्ध कराने का काम आज शुरू किया गया है। इथनी सुविधा आम आदमी को कभी नहीं मिला। इसका लाभ मरीज के साथ आपको भी होता है। जैसे पिता को खुशी होती है कि उसका पुत्र तरक्की कर रहा है, वैसे ही एक डॉक्टर इस बात से संतुष्ट होता है कि उसने जिस मरीज का उपचार शुरू किया है, उसे स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है।
सरकार की ओर से जो सुविधाएं दी जा रही हैं उसका सर्वाधिक लाभ मरीज के साथ आपको भी होता है। यह ग्रामीण क्षेत्र का आयुर्विज्ञान संस्थान है, जिसे यूपी सरकार ने स्थापित किया है। पिछली सरकारों ने नारियल फोड़कर इसकी शुरुआत की थी लेकिन पैसा सिर्फ एक लाख रुपए दिया था। जिस काम के लिए 500 करोड़ लगना था उसके लिए एक लाख दिया। क्या ऐसे काम चलता है। जब मैं कोरोना काल में आया था तो लोगों ने कहा था कि यहां सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल बनना चाहिए। मैं लखनऊ गया और बैठक करके तत्काल पैसा उपलब्ध कराने के लिए कहा।


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