Haryana News: किसान आंदोलन और कोरोना महामारी के बावजूद हरियाणा में 38 हजार करोड़ का निवेश आया, जो सरकार की बड़ी उपलब्धि है। इतना ही नहीं, हरियाणा सरकार ने हाल ही में पदमा योजना भी लॉन्च की, जिसके तहत जींद, रेवाड़ी, पलवल सहित अन्य जिलों में सार्वजनिक एवं निजी आधारभूत इकाईयां स्थापित कर औद्योगिक विकास को नया स्वरूप दिया जाएगा।
यह बात हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्ंयत चौटाला ने जींद के उचाना हलके में मीडिया से बातचीत करते हुए कही। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मौजूदा हरियाणा सरकार के 4 साल के कार्यकाल के प्रदेश में प्रत्येक क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हुए है। कहा कि राज्य सरकार की दूरगामी एवं विकास परख नीतियों की बदौलत वर्तमान समय में हरियाणा अक्षय ऊर्जा में देशभर में दूसरे पायदान पर है।

इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास की दृष्टि से निवेशकों की पहली पसंद के तौर पर देश के तीन राज्यों में भी शामिल हुआ है। इसके अलावा श्वेत, नीली व औद्योगिक क्रांति में भी हरियाणा ने आज अपना लोहा मनवाया है। कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश में औद्योगिक विकास को और गति प्रदान करने के लिए नए कदम उठाए गए है।
इसके लिए ई-भूमि पोर्टल और लैंड परचेज के मार्फत एचएसआईडीसी द्वारा 9 जगह औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए आवेदन मांगे गए है। कहा कि जींद के खटकड़ व उचाना में 550 एकड़ भूमि किसानों द्वारा सरकार को देने के आवेदन प्राप्त हुए है। इस क्षेत्र में निकट भविष्य में एचएसआईडीसी द्वारा औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की प्रक्रिया स्थापित की जाएगी।
यहां औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने के बाद युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होगें। इतना ही नहीं, डिप्टी सीएम ने आगे बताया कि दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे पर लगते मेवात व जींद जिला में भी 200-200 एकड़ के लिए ई-भूमि पर आवेदन मांगे गए है और आवेदन प्राप्त होते ही पायलट ट्रेनिंग ऑपरेटर केन्द्र स्थापित करने के प्रपोजल तैयार किए जाएंगे।


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