Demat Account in India: भारत में शेयरों और प्रतिभूतियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से रखने के लिए ज़रूरी डीमैट खाते अगस्त में पहली बार 17 करोड़ से ज़्यादा हो गए हैं. शेयर बाज़ार में उतार-चढ़ाव वाले महीने में 42.3 लाख नए डीमैट खाते खुला है, जिससे नए रिकॉर्ड बन गए हैं. अब डीमैट खातों की कुल संख्या रिकॉर्ड 17.11 करोड़ हो गई है.
दिलचस्प बात यह है कि भारत के कुल डीमैट खाते अब रूस, इथियोपिया, मैक्सिको और जापान जैसे देशों की आबादी से भी ज़्यादा हो गए हैं. यह आंकड़ा बांग्लादेश की आबादी के करीब है. यह आंकड़ा सिर्फ दो महीने पहले ही आया है जब यह संख्या 16 करोड़ पर पहुंच गया है. यह भारतीय परिवारों में इक्विटी निवेश के लिए बढ़ती हुई रुचि को भी दर्शाता है.
खातों में इजाफा और ट्रिगर्स
डीमैट खातों की संख्या में इजाफे की कई वजह हैं. ऑनलाइन KYC पूरा करना आसान होना. डिजिटल रूप से ब्रोकर बदलने की संभावना, बढ़ती जागरूकता और निवेशकों KE कई खाते चलाना शामिल है. एनलिस्ट्स का कहना है कि मार्केट में तेजी और भागीदारी बढ़ने के साथ कई निवेशक और ट्रेडर्स डीमैट खाते खोलते हैं.

स्टॉक मार्केट का मूड
भारतीय शेयर बाजारों में मिल रहे मजबूत रिटर्न की वजह से नए निवेशकों की लगातार आमद हुई है. जनवरी 2023 से भारत के बेंचमार्क सेंसेक्स में 35 फीसदी और निफ्टी 39 में फीसदी की बढ़त हुई है, जबकि ब्रॉडर मार्केट में तूफानी तेजी है. BSE मिड और स्मॉलकैप इंडेक्स में 94 फीसदी की ग्रोथ हुई है.
डीमैट खातों के लिए रिकॉर्ड तोड़ने वाला साल
2024 में अब तक लगभग 3.18 करोड़ नए डीमैट खाते खोले जा चुके हैं, जो 2023 में जोड़े गए 3.10 करोड़ के कुल आंकड़ां को पार कर गया है. दिसंबर 2023 के बाद से अगस्त में मंथली डीमैट खातों की संख्या 40 लाख से अधिक हो गया. जनवरी 2023 से अब तक अकेले इस साल 6 करोड़ से अधिक नए डीमैट खाते जोड़े गए हैं.


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