OPINION: दिल्ली में महिलाओं की समाजिक सुरक्षा बेहद अहम है। राष्ट्रीय राजधानी में महंगाई पर अंकुश लगाने के साथ दिल्ली सरकार ने दिल्लीवासी महिलाओं को लिए इस हफ्ते बड़ा ऐलान किया। जिसके तहत महिलाओं को मुख्यमंत्री सम्मान योजना के जरिए एक हजार रुपए हर महीने दिए जाएंगे। दिल्ली सरकार का मानना है कि इस योजना के जरिए महिलाओं की ना सिर्फ समाजिक सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि उन्हें अपना भविष्य भी संवारने का मौका मिलेगा।
दिल्ली में बेटियों के जन्म को बढ़ावा देने के साथ भ्रूण हत्या को रोकने के लिए वर्ष 2008 में लाडली स्कीम की शुरूआत की थी। ये योजना तब से आज तक चल रही है। स्कीम के चलते धन के अभाव में पढ़ाई आड़े नहीं आ रही और बेटियों के स्कूल ड्रॉप करने की स्थिति में काफी सुधार हुआ है।

योजना के तहत जिन परिवारों की सालाना आय एक लाख रुपये से कम है और पिछले तीन साल से वह दिल्ली में रह रहा है तो इसका लाभ उठाया जा सकता है। जिला कार्यालय और महिला एवं बाल विकास विभाग में जाकर रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। रजिस्ट्रेशन करवाते ही दिल्ली सरकार की ओर से 10000 रुपये और यदि जन्म हॉस्पिटल या प्रसूति गृह में हुआ हो तो 11 हजार रुपये बैंक खाते में जमा करवा दिए जाते हैं।
वहीं अब दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना का शुरुआत की है। जिसके तहत 18 साल से ज्यादा उम्र की ऐसी महिलाओं को हर माह एक हजार रुपये दिए जाएंगे। दरअसल, बजट पेश करते वक्त दिल्ली सरकार में वित्त मंत्री आतिशी मार्लेना ने इसे सबसे क्रांतिकारी फैसला बताया। सरकार ने इस योजना के लिए 2 करोड़ रुपये का बजट दिया है। इस योजना का मुख्य मकसद दिल्ली की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। चलिए आपको बताते हैं कि आखिर किसे, कब से इस योजना का फायदा मिलेगा।
हालांकि चुनावी आचार संहिता के लगने के चलते मना जा रहा है कि अभी योजना को शुरू होने में 6 महीने का वक्त लगेगा। ऐसे में जब इतने समय बाद योजना शुरू होगी, तो लाभ मिलने में एक-दो महीने या इससे ज्यादा समय भी लग सकता है।
वहीं महिला के लिए इससे पहले सीएम केजरीवाल ने एक और बड़ा ऐलान किया था। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 2019 के अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में कहा था कि दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और क्लस्टर बसों दोनों में महिलाओं के लिए मुफ्त सफर शुरू हो जाएगा।
हालांकि सरकार ने 29 अक्टूबर, 2019 से डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त सफर योजना लागू कर दी, लेकिन दिल्ली मेट्रो में अभी तक यह योजना लागू नहीं की जा सकी। दिल्ली मेट्रो का स्वामित्व दिल्ली और केंद्र सरकार दोनों के पास है, इसलिए इस फैसले पर दोनों सरकारों को सहमत होना होगा। दिल्ली मेट्रो ने केजरीवाल सरकार के प्रस्ताव को यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि मुफ्त स्कीम से व्यवस्था चरमराने की आशंका है।


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