Delhi News: दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार ने श्रमिकों और मजदूरों के लिए व्यापक कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। इसका मूल उद्देश्य मजदूरों के कौशल को बढ़ावा देकर उन्हें अवसर और बेहतर आजीविका देने का प्रयास है।
इसके लिए सरकार द्वारा सभी श्रमिक चौक और निर्माण स्थलों पर प्रशिक्षण शिविर स्थापित किए जाएंगे। यह शिविर कौशल विकास केंद्र के रूप में काम करेंगे। इससे श्रमिकों को अपने संबंधित क्षेत्र में उत्कृष्ट हांसिल करने में मदद मिलेगी। इस पहल का उद्देश्य उनके कौशल को बढ़ाना, बेहतर अवसरों और आजीविका के द्वार खोलना है।

केजरीवाल सरकार प्रशिक्षण अवधि के दौरान श्रमिकों को होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई भी करेगी। इसके जरिए श्रमिकों को दिहाड़ी की एवज में होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाया जाएगा। ताकि वह ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस ट्रेनिंग में अपनी भागीदारी दर्ज करा सकें। सरकार कौशल वृद्धि में लगे श्रमिकों के लिए उचित मुआवजा राशि सुनिश्चित करने के लिए मान्यता प्राप्त पूर्व शिक्षक के दिशा निर्देशों का पालन करेगी।
इन प्रशिक्षण शिविरों का प्राथमिक उद्देश्य श्रमिकों को उन्नत कौशल से लैस करना है। जिससे वे नए केवल क्षेत्र के भीतर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर अवसर तलाश सके। श्रम मंत्री राजकुमार आनंद निर्माण श्रमिकों के लिए एक ऐसे भविष्य का सपना देखते हैं। जहां कुशल श्रमिक वैश्विक स्तर पर अपना योगदान दे सके। जिससे उन्हें विदेश में अवसर तलाश में और बेहतर सुविधाओं का लाभ उठाने का मौका मिले।
दिल्ली के श्रम मंत्री राजकुमार आनंद ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि दिल्ली के निर्माण श्रमिकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कौशल के साथ सशक्त बनाया जा सके। उनकी क्षमताओं में निवेश करके हमने केवल उनकी व्यक्तिगत संभावनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। बल्कि उनके बेहतर जीवन शैली में भी योगदान दे रहे हैं। जो अर्थव्यवस्था के समग्र विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार कौशल विकास को बढ़ावा देकर निर्माण श्रमिकों और मजदूरों के उज्जवल भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है।


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