दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में पिछले 9 वर्षों के भीतर शिक्षा के बढ़ावा देने के कई कदम उठाए हैं। शिक्षा के ढांचागत विकास की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ते हुए सरकार 18 मंजिला हॉस्टल के लिए योजना बना रही है। नया हॉस्टल आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिसमें 1800 छात्र रहकर पढ़ाई कर सकेंगे।
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज परिसर में छात्रों के लिए बनाया जाने वाला हॉस्टल दिल्ली की ऊंची इमारतों में शामिल होगी। इसके अलावा ये दिल्ली का सबसे बड़ा हॉस्टल होगा। दिल्ली सरकार के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में छात्रों के लिए हॉस्टल की बेहतर सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। यहां पुरानी इमारतों में हॉस्टल चल रहा है। कॉलेज के लोग लंबे समय से नया हॉस्टल बनाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सरकार ने इस बार बजट में इस प्रोजेक्ट के लिए प्रावधान करने की तैयारी की है।

बता दें कि मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज को देश के 50 टाप के मेडिकल कॉलेज में माना जाता है। यह कॉलेज के दिल्ली प्रतिष्ठित कॉलेजों की सूीच में भी शामिल है। जिसमें एम्स के अलावा आइएलबीएस, वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज, जामिया हमदर्द, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी कॉलेज आफ मेडिकल और मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। इसमें यूनिवर्सिटी कॉलेज आफ मेडिकल और मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज ही दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। शेष अन्य सभी केंद्र सरकार के अधीन हैं।
वहीं दिल्ली सरकार मेडिकल कॉलेज से जुड़े अपने अस्पतालों के लिए नई इमारतें बना रही है। 13 अस्पतालों में अतिरिक्त ब्लाक बनाने का काम चल रहा है। चार नए अस्पताल बन रहे हैं। इसके अलावा आईसीयू वाले सात अन्य अस्पतालों का काम चल रहा है। इसके अलावा पुराने अस्पतालों व डिस्पेंसरी आदि की दशा सुधारी जा रही है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों ये पहला मौका है जब सरकार दिल्ली में एक बड़ा हॉस्टल बनाने का प्लान कर रही है।


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