अयोध्या राम मंदिर उद्घाटन के बाद भारत में राम राज्य की कल्पना की जा रही है। इस बीच एक बार फिर सीएम केजरीवाल ने दोहराया कि दिल्ली सरकार राम राज्य की अवधारणा से प्रेरित है। सीएम इसके पीछे तर्क भी दिया है। उन्होंने सांकेतिक रूप से रामचरित मानस की उस चौपाई का भी जिक्र किया, जिसके आधार पर गोस्वामी तुलसी ने अवधी भाषा में राम राज्य की कल्पना की थी।
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि भगवान राम ने कभी भी जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया, लेकिन आज समाज "उन आधारों पर विभाजित" हो गया है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली सरकार राम राज्य की अवधारणा पर ही कार्य कर रही।

दरअसल, राम चरित मानस की एक चौपाई है, जिसमें कहा गया है कि राम राज्य में किसी को शारीरिक या फिर अन्य कोई सांसारिक या फिर किसी तरह का अन्य नहीं हुआ। (दैहिक, दैविक भौतिक तापा। राम राज्य काहू ना ब्यापा।।)
दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने इसी आधार पर दावा किया की उनकी सरकार राम राज्य के अवधारणा पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में सरकार अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य, वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन और चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति और मुफ्त पानी की आपूर्ति प्रदान करती है।
सीएम ने एक बयान में कहा, "राम राज्य से प्रेरित होकर, हमारी सरकार सभी को अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य देती है। भगवान राम ने कभी भी जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया, लेकिन समाज को उसी आधार पर विभाजित किया गया है।"
महिलाओं का फ्री सफर
अरविंद केजरीवाल सरकार ने 2019 विधानसभा चुनावों से पहले दिल्ली में बसों में महिलाओं को फ्री सफर की सुविधा का भी ऐलान किया था। 29 अक्टूबर 2019 से महिलाएं इस सुविधा का लाभ ले रही हैं।
मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना
दिल्ली सरकार बुजुर्गों को फ्री में तीर्थयात्रा करवा रही है। इसके तहत 12 जगहों की यात्रा करवाई जाती है। लेकिन अब दिल्ली से अयोध्या धाम भी यात्रा ट्रेन भेजी जाएगी। पिछले हफ्ते शनिवार की दिल्ली सराकार ने एक तीर्थ यात्रा ट्रेन रवाना की है।
200 यूनिट तक बिजली फ्री
1 अगस्त से दिल्ली सरकार ने 200 यूनिट प्रति माह तक बिजली फ्री दे रही है। दिल्ली सरकार के मुताबिक इस स्कीम का लाभ दिल्ली के 43 लाख परिवारों को मिल रहा है। इस लिमिट से अधिक यूनिट होने पर बिल देना होता है। योजना के मुताबिक 201 से 400 यूनिट तक आधी सब्सिडी मिलेगी। यानी अगर दिल्लीवासी 200 यूनिट तक ही बिजली खर्च करते हैं तो उन्हें बिल नहीं देना होता। लेकिन अगर 200 यूनिट से ऊपर खर्च होती है तो कुल खर्च की गई यूनिट के आधे का ही बिल देना होता है। यानी अगर कोई उपभोक्ता 300 यूनिट बिजली दिल्ली में खर्च कर रहा तो उसे सिर्फ 150 यूनिट का का ही बिल देना होगा।
मोहल्ला क्लीनिक
दिल्ली में कुल 533 मोहल्ला क्लिनिक हैं। जिनके जरिए दिल्ली सरकार फ्री में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। इनमें से कुल 512 मोहल्ला क्लीनिक सुबह की शिफ्ट में बाकी 21 शाम की शिफ्ट में काम करते हैं।


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