केजरीवाल सरकार में कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत ने दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों के लॉन्च के बाद एक प्रेस वार्ता की, जिसमें उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने को लेकर दिल्ली सरकार के दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। दिल्ली सचिवालय में प्रेसवार्ता के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे इलेक्ट्रिक वाहनों की जानकारी देते हुए परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि 2022 से अभी तक दिल्ली की सड़कों पर 1300 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं।
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि दिल्ली की सड़कों पर जितनी अधिक इलेक्ट्रिक बसें होंगी, उतना ही कम प्रदूषण होगा। मंत्री ने बताया कि दिल्ली की बसों ने अब तक 5.8 करोड़ किलोमीटर का सफर तय किया है। इस दौरान दिल्ली में 47 हजार टन कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्सर्जन कम हुआ है।

मंत्री ने इलेक्ट्रिक बसों की उपयोगिता का जिक्र करते हुए कहा कि अगर ई- बसें नहीं होती तो अब तक दिल्ली में 47 हजार टन कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्सर्जन और होता। मंत्री ने बताया के वर्तमान में दिल्ली के बस बेड़े में 7582 बसें हैं। इससे पहले दिल्ली के बस बेड़े में इतनी बसों की संख्या कभी नहीं थी। परिवहन मंत्री ने बताया कि 24 मई 2022 से अब तक देखे तो दिल्ली सरकार हर महीने औसतन 80 से 100 इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल हो रही हैं।
बुधवार की नई बसों को हरी झंडी दिखाए जाने पर मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि ये बसें क्लस्टर स्कीम के तहत चलेंगी, जबकि 50 बसें डीटीसी की होंगी। यह सभी 12 मीटर लंबी लो फ्लोर एसी बसें होंगी। इनमें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, जीपीएस और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम आदि होंगे। इन बसों का परिचालन शुरू होने से दिल्ली में ई-बसों की संख्या 1600 से अधिक हो चुकी है।
बता दें कि नई ई- बसों के रखरखाव की पूरी प्लानिंग की गई है। इसके तहत रोहिणी में दो ई-बस डिपो तैयार किए गए हैं। इस मौके पर बसों में आधारित व्हाट्सएप क्यूआर कोड टिकटिंग सिस्टम भी शुरू करने की तैयारी है।


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