दिल्ली में सर्दियों के मौसम में स्कूलों में पढ़ाई बाधित ना हो इसके लिए सरकार ने प्लान तैयार कर लिया है। केजरीवाल सरकार में शिक्षा मंत्री आतिशी के मुताबिक अब सराकर सरकारी स्कूलों में कक्षाओं को हाईब्रिड मोड पर संचालित की योजना बना रही है। मंत्री आतिशी ने इसके लिए सरकारी स्कूलों में डीएमवीएस (DMVS) की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा है, जिसके जरिए दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों (Delhi Schools) को हाइब्रिड बनाया जाएगा।
दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने एक बयान में कहा कि स्कूलों में कक्षाओं को हाईब्रिड मोड पर संचालित होने से खराब मौसम के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी। इसके लिए दिल्ली के अधिकारियों को हाइब्रिड लर्निंग विकसित करने का निर्देश दिया गया है।

दिल्ली सरकार ने वर्ष 2025 तक यमुना सफाई का लक्ष्य का पूरा करने की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं। इसके तहत दिल्ली में सीवरेज की उचित व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा वाटर ट्रीटमेंट प्लान की क्षमता बढ़ाई गई है। दिल्ली सरकार के मुताबिक यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। 2025 तक दिल्ली में एसटीपी की क्षमता बढ़कर करीब 900 एमजीडी हो जाएगी। यानी दिल्ली की कॉलोनियों का सीवेज सीधे-सीधे यमुना में नहीं नहीं गिरेगा। गंदे पानी का ट्रीटमेंट करने के बाद इसे नदी में छोड़ा जाएगा।
वहीं दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा तैयार की गई एक नई रिपोर्ट के अनुसार, सीवेज ट्रीटमेंट के लिए दिसंबर 2023 तक लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया था। लेकिन अब दिल्ली सरकार इसे इस साल मार्च तक लक्ष्य हासिल करने का दावा कर रही है।
देरी का मतलब है कि फरवरी 2025 तक यमुना को स्नान मानकों के अनुरूप साफ करना, जो कि आप सरकार का एक प्रमुख वादा था, सरकार की अपेक्षा से अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा गठित यमुना कायाकल्प पर उच्च स्तरीय समिति के समक्ष 10 जनवरी को प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली ने जनवरी 2023 से अपनी सीवेज उपचार क्षमता में प्रति दिन 35 मिलियन गैलन की वृद्धि की है।
वहीं दिल्ली सरकार के मुताबिक युमाना को स्वच्छ बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। वर्तमान में 832 से अधिक अनाधिकृत कॉलोनियों में सीवर लाइन डाली जा चुकी है। पहले सीवर ट्रीटमेंट प्लांट्स में करीब 350 एमजीडी सीवेज साफ हुआ करती थी।


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