दिल्ली सरकार ने शिक्षा निदेशालय में 1000 से ज्यादा पदों के रिवाइव करने का प्रस्ताव उपराज्यपाल वीके सक्सेना को भेजा था। जिसे अब एलजी कार्यालय से मंजूरी मिल गई। ऐसे में दिल्ली सरकार के स्कूलों में प्रमोशन का इंतजार कर रहे उप प्रधानाचार्यों की प्रतीक्षा खत्म हो गई है। सरकार जल्द ही उनके पदों को रिवाइव करते हुए और प्रमोशन देगी।
एलजी कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि उप राज्यपाल ने DoE में वाइस-प्रिंसिपलों के 1,027 पदों के रिवाइवल को मंजूरी दे दी है। इन पद स्वत: खत्म हो गए थे, क्योंकि इन पदों पर एक निश्चित समय-सीमा के अंदर बहाली नहीं की गई। उपराज्यपाल कार्यालय के बयान में इस कदम को Ad-hoc या फिर संविदा के आधार पर नियुक्तियों को खत्म करने की दिशा में एक प्रयास बताया गया।

शिक्षा विभाग वाइस प्रिंसपल के 50 प्रतिशत पद प्रमोशन के जरिए भरती है, जबकि 50 प्रतिशत यूपीएसी की सीधी भर्तियों के आधार पर भरे जाते हैं। दरअसल, दिल्ली सरकार का शिक्षा विभाग पहले से ही वाइस-प्रिंसिपलों की कमी से जूझ रहा है इसलिए इन पदों पर डीओई के द्वारा एड हॉक और कॉन्ट्रैक्ट के जरिए भर्ती की गई थी। पहले के नियमों के मुताबिक, वाइस-प्रेसिडेंट के 100 फीसदी पद प्रोमोशन के जरिए भरे जाते थे। जब वाइस प्रिंसिपलों का कैडर-ग्रुप बी से बदलकर ग्रुप ए हुआ तब इन पदों पर बहाली की प्रक्रिया भी बदल गई।
दिल्ली सरकार की ओर से प्रस्ताव में एलजी को जानकारी दी गई जानकारी में कहा गया कि वाइस प्रिंसिपलों के इन 1,027 पदों में से 873 पद सितंबर 2018 के थे और उनपर एड हॉक के जरिए नियुक्ति हुई थी। इसके अलावा बचे हुए 154 पद साल 2018-2019 के थे जिनपर नियुक्तियां नहीं हुई हैं।
दिल्ली सरकार नए प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद प्रोमोशन के योग्य उम्मीदवारों को प्रोमोशन देने से इनकार नहीं किया जा सकता है। भविष्य में वाइस प्रिंसिपल रिटायर भी होंगे। ऐसे में रिक्तियां भी बढ़ेंगी।


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