राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राशन कार्ड के 11 लाख आवेदन के आवेदन पर विचार लंबित है। इस बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जिसके तहत आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार मौजूदा राशन कार्ड धारकों की पात्रता की शर्तों की फिर जांच की जा रही है। दिल्ली सरकार ने निर्देश पर रसद विभाग ने इसे अभियान के तौर पर शुरू किया है, जिसके तहत राशन ना लेने वाले, अपने मूल पते से अलग निवास कर रहे कार्ड धारकों या फिर राशन की कार्ड की अन्य शर्तों को पूरा करने वालों का नाम राशन कार्ड सूची से हटाया जा रहा है। इस बीच सरकार के इस कदम से नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
दिल्ली सरकार ने खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग को उन सभी नामों को हटाने के साथ राशन कार्डों को निरस्त करने के निर्देश दिए हैं, जो राशन नहीं ले रहे हैं या फिर जिनके कार्ड समाप्त हो चुके हैं। इसके अलावा उन कार्ड धारकों के भी राशन कार्ड निरस्त करने को कहा गया है, जो अपने मूल पते पर निवास नहीं करते या फिर कार्ड में सही पता दर्ज नहीं कराया है।

इनका निरस्त होगा राशन कार्ड
खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग कुछ निर्धारित निर्देशों के तहत एक्शन ले रहा है। राशन कार्ड हटाने के लिए चार शर्तें होंगी जिनके आधार कार्रवाई की जाएगी। इनमें पहली शर्त राशन कार्ड धारकों की मृत्यु, दूसरी जिन्हें कार्ड की आवश्यकता नहीं है। जबकि तीसरे वे होंगे जिन्होंने अक्टूबर 2021 से सितंबर तक एक बार भी अपने कार्ड पर राशन नहीं लिया है। वहीं चौथे वे राशन कार्ड धारक हैं, जो वर्ष कार्ड में दर्ज अपने पते पर वर्ष 2022 से निवास नहीं कर रहे हैं।
वहीं खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग ने अपने आदेश में कहा, "बड़ी संख्या में राशन कार्ड जारी करने के लिए लोगों ने आवेदन किया है। वे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे हैं। रिक्त आवंटन/सीटों की संख्या के आधार पर उनके आवेदन पर विचार किया जाना है।"
वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले में दायर एक याचिका पर अपने आदेश में कहा, "राज्य सरकार किसी व्यक्ति को राशन कार्ड मिलने तक इंतजार नहीं कर सकती। राज्य सरकार को यह आकलन करने का निर्देश दिया जाता है कि क्या याचिकाकर्ता भत्ते प्राप्त करने के हकदार होंगे।"


Click it and Unblock the Notifications