दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी (Electric Vehicle Policy) यानी ईवी नीति 2024 अगले तीन महीने के लिए बढ़ाई गई है। ऐसा यूं ही नहीं है। दरअसल, दिल्ली सरकार की इसके पीछे एक बड़ी मंशा है। राष्ट्रीय राजधानी प्रदूषण रहित हो इसके लिए लगातार प्रयास जारी है। इसी क्रम में अब मौजूदा वर्ष में दिल्ली ईवी की संख्या की व्यापक स्तर पर वृ्द्धि का प्लान है।
ईवी नीति 2024 (Delhi EV Policy 2024) का लक्ष्य 2024 तक शहर की सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों की उपस्थिति को 25% तक बढ़ाना है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली सरकार ने अपनी ईवी नीति को तीन महीने और 31 मार्च तक बढ़ाने का फैसला किया है। इस संबंध में एक प्रस्ताव मंजूरी के लिए दिल्ली कैबिनेट को भेजा जाएगा। ये नीति बैटरी चालित वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करती है।

दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने इससे पहले पुरानी ईवी नीति को 6 महीने बढ़ाने की बात कही थी। इसके पीछे की वजह का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा था कि दिल्ली सरकार बैटरी चालित वाहन के लिए लोगों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने की नई योजना तैयार कर रही है। इस बीच ईवी के खरीद के लिए मौजूदा स्कीम बाधित ना हो इसलिए ये निर्णय लिया गया है।
हालांकि बात कुछ भी लेकिन एक बात तो तय है कि दिल्ली में अब आगामी कुछ वर्षों के भीतर पेट्रोल और डीजल चालित वाहनों की संख्या काफी तेजी से घटेगी। क्योंकि दिल्ली सरकार रेट्रोफिटिंग यानी डीजल और पेट्रोल वाहनों को ईवी में बदलने को प्रोत्साहन भी देने जा रही है। ऐसे में पुराने वाहन भी ईवी नीति के दायरे में आ जाएंगे।
नई ईवी नीति में जिन अहम पहलुओं का हल होगा उसमें पुराने वाहनों को ईवी में बदलने की चुनौती का भी समाधान निकाला जा रहा है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री कैलाश गहलोत के हाल में दिए गए कुछ बयानों पर गौर करें ये बात साफ होती है कि नई नीति व्यापक होगी।
दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत ने हाल ही में कहा था की सरकार दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 1.0 का विस्तार करते हुए नई ईवी नीति लाएगी। जिसमें इसके कार्यान्वयन में कठिनाइयों का पूरा हल होगा। उन्होंने कहा कि पुरानी ईवी नीति अपनी तरह की पहली थी, इसलिए इस पर भरोसा करने के लिए कोई रूपरेखा आसानी से उपलब्ध नहीं थी। मंत्री ने कहा कि उनके विभाग को निजी वाहनों द्वारा उपयोग किए जाने वाले चार्जिंग स्टेशनों के लिए जगह तय करने में भी समस्याओं का सामना करना पड़ा क्योंकि इसके लिए जमीन ढूंढना मुश्किल था। ऐसे में नई ईवी सारे समधान लेकर आएगी।
वहीं दिल्ली मोटर वाहन एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाता योजना के तहत ईवी में बदलाव को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। स्कीम के तहत दिल्ली के सभी एग्रीगेटर्स को 2030 तक अपने पूरे बेड़े को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलना अनिवार्य होगा।
More From GoodReturns

प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन का ऑफर आया है? 'Accept' दबाने से पहले ये गणित जरूर समझें

सोने में निवेश का सही फैसला: SGB, ETF या फिजिकल गोल्ड, आपके लिए क्या है बेस्ट?

Amazon-Flipkart सेल: बैंक ऑफर्स और EMI का सही गणित, शॉपिंग से पहले ये जरूर देखें

IPO रिफंड का पैसा खाली न छोड़ें: 2-4 दिनों के लिए निवेश के ये विकल्प हैं बेस्ट

Godrej Consumer Q1 Results: आज नतीजों के साथ डिविडेंड का धमाका? निवेशकों की नजरें इन 3 ट्रिगर्स पर

Shiprocket IPO: निवेश से पहले जानें UPI-ASBA की डेडलाइन और रिस्क, क्या FD से बेहतर है रिटर्न?

Jio का ₹10,000 वाला Freedom Pack: 15 महीने की वैलिडिटी और फ्री OTT, क्या है पूरी सच्चाई?

ITR रिफंड का पैसा आना शुरू: क्या आपके खाते में आया? तुरंत चेक करें ये 3 जरूरी चीजें

सरकारी बॉन्ड नीलामी: FD से बेहतर रिटर्न या जोखिम? जानें निवेश का सही तरीका

स्वतंत्रता दिवस सेल: खत्म होने में 48 घंटे, HDFC-SBI कार्ड पर 10% छूट पाने का सही तरीका

ब्रिटानिया के Q1 नतीजे आज: क्या बिस्कुट-केक के दाम बढ़ेंगे? निवेशकों की इन बातों पर टिकी नजर



Click it and Unblock the Notifications