केजरीवाल सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली का बजट पेश किया है। दिल्ली की वित्त मंत्री आतिशी मार्लेना ने बजट के प्रस्ताव की जानकारी देते हुए सदन में कहा कि सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे के अलावा महिला सशक्तिकरण को भी प्रमुखता दी है। बजट को लेकर सीएम केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने राज्य के बजट में दिल्ली के हर तबके और क्षेत्र को ध्यान रखा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बजट माताओं-बहनों को सशक्त बनाने के लिए बेहद अहम है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बजट पर चर्चा के दौरान इस हफ्ते शनिवार कहा कि आम आदमी पार्टी हर क्षेत्र और तबके के लोगों का विकास चाहती है। इस बात को गंभीरता से लेते हुए बजट तैयार किया गया है।

सीएम केजरीवाल ने इस मौके केंद्र की बीजेपी सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि देश में दो तरह का गवर्नेंस मॉडल चल रहा है। एक आप और दूसरा भाजपा का। आप के विकास मॉडल के तहत सरकारी स्कूल-अस्पताल ठीक किए, मुफ्त 24 घंटे बिजली दी और बुजुर्गों को तीर्थयात्रा करवाई जा रही है। जबकि भाजपा दिल्ली में दवाइयां, स्कूल, मोहल्ला क्लीनिक, बिजली की सब्सिडी रोक रही है।
बता दें कि दिल्ली विधानसभा में इस हफ्ते शनिवार को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 76 हजार करोड़ रुपये के बजट पास किया गया। इस दौरान अपने भाषण के दौरानसदन में सीएम दिल्ली शराब नीति को लेकर ईडी की कार्रवाई के लिए भी बीजेपी को निशाने पर लिया। सीएम ने कहा कि पूर्व वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया के बिना सबूतों को सलाखों के पीछे रखा गया है। सीएम ने बजट सत्र के दौरान पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के कार्यों की याद करते हुए कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि अगले साल का बजट मनीष सिसोदिया सदन में पेश करेंगे।
दिल्ली सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के लिए 16,396 करोड़, स्वास्थ्य के लिए 8685 करोड़ और परिवहन व्यवस्था पर 5702 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान रखा है। इसके अलावा बजट में मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना की घोषणा की गई है। इसमें 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपये मिलेंगे। योजना के तहत बजट में दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हालांकि इस योजना का लाभ सरकारी नौकरी, पेंशन और आयकर भरने वाली महिलाओं को नहीं मिलेगी


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