दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार ने हाल ही में सुगम्य सहायक योजना (Sugamya Sahayak Scheme) की आधिकारिक तौर पर शुरुआत की। स्कीम के तहत दिल्ली के दिव्यांगों को देश के लिए अपना योगदान देने को लेकर आत्मविश्वास बढ़ेगा। केजरीवाल सरकार का मानना है कि योजना के तहत बेंचमार्क विकलांग व्यक्तियों के एक संबल प्रदान करेगी। स्कीम के चलते वे भी समाज में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर पाएंगे।
केजरीवाल सरकार ने पिछले हफ्ते दिल्ली में सुगम्य सहायक योजना के तहत एलिम्को (ALIMCO) के साथ पांच साल के लिए हुआ एमओयू किया। इस समझौता ज्ञापन पर सहमति के बाद दिल्ली के कैबिनेट मंत्री राज कुमार आनंद ने कहा सुगम्य सहायक योजना केजरीवाल सरकार की समावेशिता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सभी नागरिकों के लिए एक अधिक न्यायसंगत समाज बनाने की दृष्टि में अग्रसर भूमिका निभा रही है।

मंत्री गोपाल राय की मानें तो सुगम्य सहायक स्कीम के जरिए बेंचमार्क विकलांग व्यक्तियों के लिए केजरीवाल सरकार की समावेशिता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसके साथ ही सभी नागरिकों के लिए एक अधिक न्यायसंगत समाज बनाने की दृष्टि में अग्रसर भूमिका निभा रही है।
सुगम्य सहायक योजना 23 जनवरी 2024 को अधिसूचित की गई थी। स्कीम के तहत बेंचमार्क विकलांगता वाले पात्र दिव्यांग व्यक्ति को कृत्रिम अंग, ट्राइसाइकिल, मोटराइज्ड ट्राई साइकिल जैसे कई सहायक उपकरण प्राप्त होंगे। व्हीलचेयर, बीटीई श्रवण यंत्र, बैसाखी एक्सिला एडजस्टेबल, ब्रेल केन, एमएसआईईडी किट, ब्रेल किट और दृष्टि बाधितों के लिए स्मार्टफोन, स्मार्ट केन और कुष्ठ रोगियों के लिए एडीएल किट और अन्य उपलब्ध कराए जाएंगे।
स्कीम के तहत पात्र दिल्ली के सभी दिव्यांग नागरिकों को तीन पहिया वाहनें भी दी जाएंगी इन वाहनों को मोटर से चलाया जाएगा। इन वाहनों के अलावा, राज्य के अन्य पात्र नागरिकों को भी अन्य उपकरण प्रदान किए जाएंगे। सभी इन उपकरणों को बिल्कुल मुफ्त मिलेगें और इससे राज्य के दिव्यांग नागरिकों को किसी भी स्थान पर जाने-आने में आसानी होगी। यह लाभ प्राप्त करने के लिए राज्य के सभी नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
स्कीम के तहत एलिम्को मूल्यांकन के संचालन के लिए जिम्मेदार आपूर्ति एजेंसी के रूप में काम करेगी व बेंचमार्क विकलांगता वाले दिव्यांग व्यक्ति को अनुकूलित सहायक उपकरण प्रदान करेगी। योजना में भागीदारी के लिए पात्र होने के लिए आवेदकों के लिए कुछ मानदंड निर्धारित किए गए हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी होगा।
निर्धारित मानदंड
विकलांगता प्रमाणपत्र/यूडीआईडी कार्ड के आधार पर आवेदक बेंचमार्क विकलांगता (40% या अधिक विकलांगता) की शर्त पूरी करने वाला हो।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का निवासी होना चाहिए।
परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय सीमा आठ लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
आधार कार्ड का होना आवश्यक है।


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