दिल्ली के परिवहन विभाग ने सभी 13 स्क्रैपिंग कंपनियों को निर्देश दिया है कि वह कबाड़ हो चुकी गाड़ियों की स्टेटस रिपोर्ट जारी करें। दरअसल हाई कोर्ट ने अगस्त माह में पुरानी गाड़ियों को लेकर निर्देश जारी किया था कि सरकार कबाड़ हो चुकी गाड़ियों को लेकर नीति बनाए, जिसके बाद परिवहन विभाग ने सभी स्क्रैपिंग कंपनियों को यह निर्देश जारी किया है।
दरअसल कई कार मालिकों ने परिवहन विभाग के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया था। जिसके बाद कोर्ट ने जब्त किए गए वाहनों को रिलीज किए जाने का निर्देश दिया, साथ ही कहा कि अगर जरूरत हो तो उनसे अंडरटेकिंग ले सकते हैं कि गाड़ी को सार्वजनिक जगहों पर नहीं खड़ा किया जाएगा और शहर से बाहर दो हफ्तों के भीतर ले जाएगा।

कोर्ट के हालिया आदेश के बाद परिवहन विभाग ने सभी स्क्रैपिंग कंपनियों को स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा है। उनसे पूछा गया है कि उन्होंने गाड़ियों को कार मालिकों को वापस कर दिया है या फिर उसे स्क्रैप कर दिया। विभाग की ओर से कहा गया है कि स्टेटस रिपोर्ट में यह जानकारी होनी चाहिए कि किस गाड़ी को स्क्रैप किया गया और जिसे नहीं किया गया उसकी क्या वजह है। तकरीबन 160 गाड़ियों को मालिकों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर करके उनकी गाड़ियों को रिलीज करने की मांग की थी।
इसके साथ ही हाई कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि वह इस तरह की गाड़ियों को रिलीज करने के लिए नीति बनाए। वहीं सरकार का कहना है कि हम पुरानी गाड़ियों की नीति को लगभग तैयार कर चुके हैं। इस नीति को अगले दो हफ्तों में तैयार कर लिया जाएगा। इसमे कुछ छोटे बदलाव किए जाने हैं, जिसमे जुर्माना 25 हजार, 10 हजार रुपए कार के लिए और 5000 रुपए बाईक के लिए तय किया जाएगा। दो हफ्तों के भीतर इसे पूरा कर लिया जाएगा।


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