दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उपराज्पाल विनय सक्सेना ने मंगलवार को ठोस कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के तेहखंड में एक इंजीनियर्ड लैंडफिल साइट का उद्घाटन किया। तेहखंड ओखला मेंइंजीनियर्ड लैंडफिल का उद्घाटन के मौके पर मेयर शैली ओबरॉय भी मौजूद थी।

केजरीवाल ने इंजीनियर्ड लैंडफिल साइट के शुभारंभ को टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
दिल्ली नगर निगम वर्तमान समय में शहर में तीन लैंडफिल साइटों का संचालन करता है, जिनमें से ओखला में एक को इस साल तक मंजूरी मिलने की संभावना है। भलस्वा साइट को 2025 तक और ग़ाज़ीपुर साइट को 2026 तक साफ करने का लक्ष्य है।
गौरतलब है कि ट्रेडिशनल यानी पारंपरिक डंपसाइटों से ये बिलकुल अलग एक इंजीनियर्ड लैंडफिल साइट तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से कचरे का निपटान करता है और इसमें लीचेट को जमीन में फैलने से रोकने के लिए लीचेट ट्रीटमेंट संयंत्र का प्रावधान होता है। तेहखंड परियोजना को 2018 में तत्कालीन साउथ एमसीडी द्वारा मंजूरी दी गई थी, और काम सितंबर 2021 में सौंपा गया था।
स्टेडियम के आकार का लैंडफिल ओखला में अतिसंतृप्त (oversaturated) लैंडफिल के बगल में 23 एकड़ में फैला हुआ है। अधिकारियों ने कहा कि यह पर्यावरण के किसी भी प्रदूषण को रोकने के लिए भू-टेक्सटाइल बाधाओं की परतों से ढका हुआ है, और इसका उपयोग केवल ओखला और तेहखंड में दो अपशिष्ट-से-ऊर्जा (डब्ल्यूटीई) संयंत्रों में उत्पन्न राख और जली हुई सामग्री के निपटान के लिए किया जाएगा।


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