राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक दशक के भीतर दिल्ली सरकार के कई बड़े कदम उठाए हैं। सरकारी स्कूलों की व्यापक स्तर पर तस्वीर बदली है। अब सीएम केजरीवाल ने शिक्षा में निरंतर सुधार के प्रयासों के बीच आईएएस अधिकारियों और दिल्ली सरकार के मंत्रियों से खास अपील की है। उन्होंने ने बताया कि कैसे दिल्ली की शिक्षा को और अधिक बेहतर बनाया जा सकता है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पश्चिम विहार इलाके में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और शिक्षामंत्री आतिशी ने सरकारी स्कूल की नई बिल्डिंग का उद्घाटन किया। इस मौके पर सीएम ने कहा कि अब कई विधायकों ने भी अपने बच्चों का एडमिशन सरकारी स्कूल में करवाया है। मुख्यमंत्री शैक्षिक सुधारों का जिक्र करते हुए कहा की दिल्ली सरकार की मंशा है कि मंत्री और IAS अफसर खुद सरकारी स्कूल में एडमिशन करवाने आएं।

सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि आज हालात ये हैं वीआईपी, वीवीआईपी या फिर आमजन सभी के बच्चे सरकारी स्कूलों में दाखिला ले रहे हैं। उन्होंने सरकारी स्कूलों में दाखिला का जिक् करते हुए कहा कि एक बड़े वकील ने अपने बच्चे प्राइवेट स्कूल से नाम कटवाकर एडमिशन सरकारी स्कूल में करवाया है। सीएम ने मंच से अपील की आईएएस अधिकारियों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाना चाहिए, जिससे विद्यालयों की शिक्षा के स्तर को शिखर तक पहुंचाया जा सकता है।
सीएम केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के नामी स्कूल में इतनी फैसिलिटी नहीं होगी जितनी सरकारी स्कूल में है। इस सरकारी स्कूल में 1200 स्टूडेंट्स एडमिशन लेंगे। दिल्ली में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल खोले जा रहे हैं। पुरानी बिल्डिंग तोड़कर नई बिल्डिंग बना रहे हैं।
वहीं शिक्षामंत्री आतिशी दिल्ली शिक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि ये सरकारी स्कूल की बिल्डिंग बड़े-बड़े प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ रही है। शिक्षामंत्री ने कहा कि नई बिल्डिंग देखकर पुराने समय को नहीं भूलना है. 2015 में दिल्ली में जब केजरीवाल सरकार बनी, तो स्कूलों को सुधारने का वादा किया। तब सरकारी स्कूल के हालात देखकर आंखों से आंसू आ जाते थे। उन्होंने कहा, "सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में 9 साल में स्कूल में बड़े परिवर्तन हुए। 2015 में स्कूल के कमरों की संख्या 24 हजार थी, जो 2024 में 20 हजार बढ़कर 44 हजार हो गई है।"
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