दिल्ली में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सरकार ने कई बड़े एक्शन लिए। सरकार ने अब राष्ट्रीय राजधानी में अब कांस्ट्रक्शन साइट के आसपास होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। जिसके तहत दिल्ली में बड़े पैमाने पर होने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाई जा सकेगी। दिल्ली सरकार 'कलर कोड' प्लान इस दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
दिल्ली में अब कंस्ट्रक्शन साइट्स पर प्रदूषण के सेंसर लगाना अनिवार्य होगा। नए प्लान के तह अब प्रदूषण को कम करने के लिए अब 'कलर कोड' लागू होगा। दरअसल, निर्माण और तोड़फोड़ के दौरान निकलने वाले धूल के कणों के हवा में फैलने के एयर क्वालिटी प्रभावित होती है। दिल्ली में कई बार ऐसा होता है जब सांस लेने में भी दिक्कत होने लगती है। ऐसे में सराकर का कलर कोड प्लान काफी अहम है।

दिल्ली सराकर के मुताबिक ये प्लान 5000 स्क्वॉयर मीटर या इससे बड़ी साइट्स के लिए होगा। धूल दिल्ली में प्रदूषण की लोकल वजहों में सबसे प्रमुख है। दिल्ली पल्यूशन कंट्रोल कमिटी (डीपीसीसी) और पर्यावरण विभाग ने इस प्लान के लिए चार कलर कोड सेट किए हैं।
दिल्ली सरकार के अधिकारियों के मुताबिक कलर कोड के तहत येलो, ऑरेंज, रेड और पर्पल कलर शामिल किए गए हैं। ये कलर कोड चेतावनी, फाइन और साइट पर निर्माण-तोड़फोड़ को लेकर अलर्ट के लिए होंगे। बता दें कि धूल के प्रदूषण की वजह से PM-10 लेवल तेजी से बढ़ता है। PM-10 उन कणों को कहते हैं जिनका आकार 10 माइक्रोन तक का होता है। यह कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं।
कंस्ट्रक्शन साइट्स पर सेंसर
दिल्ली पर्यावरण विभाग की ओर से इस प्लान की पूरी मॉनीटरिंग की जाएगी। विभाग के मुताबिक, सीएक्यूएम से अपील की गई है कि वह 5000 स्क्वॉयर मीटर या इससे बड़े निर्माण और तोड़फोड़ की साइट पर लोगों को रियल टाइम एयर क्वॉलिटी सेंसर लगाने को कहा जाए। हालांकि बड़ी कंस्ट्रक्शन साइटों पर प्रदूषण पर नजर रखने के लिए सेंसर लगाने के नियम पहले से है, लेकिन अब छोटी साइट्स के भी इसे लागू किया गया है।
प्रदूषण को लेकर जारी किया जाएगा अलर्ट
पर्यावरण विभाग के मुताबिक कांस्ट्रक्शन साइट्स पर लगे सेंसर प्रदूषण स्तर को लेकर अपडेट करते रहेंगे। प्रदूषण स्तर जैसे ही पीएम-10 का स्तर एक तय सीमा को पार करता है, एसएमएस के जरिए उस साइट को अलर्ट भेजा जाएगा। प्रदूषण बढ़ने पर जुर्माने और काम बंद करने की कार्रवाई की जाएगी। पर्यावरण विभाग के मुताबिक फिलहाल दिल्ली में 611 एक्टिव कंस्ट्रक्शन साइट रजिस्टर्ड हैं। इनमें से करीब 329 साइटों का रियल टाइम एयर क्वॉलिटी डेटा विभाग को मिल रहा है। नए प्लान के मुताबिक, छोटी और बड़ी सभी साइट्स पर कलर कोड सिस्टम लगाए जाएंगे।
More From GoodReturns

Silver Price Today: 29 मार्च रविवार को चांदी सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Price Today: 29 मार्च को सोना सस्ता हुआ या महंगा? खरीदने से पहले जानें आज का ताजा भाव

Silver Price Today: 28 मार्च को चांदी की कीमतों में उछाल, जानिए प्रति किलो कितना महंगा हुआ चांदी का भाव

Gold Rate Today: 30 मार्च को सोने की कीमतों में आई बड़ी गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 1 अप्रैल को सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

Bank Holiday Today: आज बैंक बंद हैं या खुला? बैंक जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

आज का Financial Raashifal: 28 मार्च, 2026 - आज ही समय पर अवसर और स्थिर लाभ प्राप्त करें



Click it and Unblock the Notifications