नए साल की शुरूआत के पहले दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Mohan Yadav) ने प्रदेश वासियों को बड़ी सौगात दी है। आज से मध्य प्रदेश के सभी जिलों में साइबर तहसील की व्यवस्था लागू की जा रही है। इस व्यवस्था के लागू होने बाद राज्य भर में 15 दिन के अंदर क्रेता के पक्ष में नामांतरण (transfer of name) होगा। खसरा-नक्शा में भी तत्काल सुधार किया जा सकेगा।

खास बात ये है कि इसके लिए कोई अलग से आवेदन नहीं करना होगा। इसके अलावा अविवादित नामांतरण के लिए सभी पक्षों को तहसील कार्यालय आने की आवश्यकता भी नहीं होगी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहनयादव इस नई व्यवस्था की शुरूआत नवग्रह मेला ग्राउंड में आयोजित समारोह में करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर गृह मंत्री अमित शाह के वर्चुअली जुड़ने की संभावना है।
बता दें साइबर तहसील में रजिस्ट्रेशन तक की प्रकिया लागू होगी। साइबर तहसील को चार अलग-अलग प्लेटफार्म जैसे संपदा, भूलेख पोर्टल, स्मार्ट, एप्लीकेशन फार रेवेन्यू एप्लीकेशन पोर्टल और रेवेन्यू केस मैनेजमेंट सिस्टम पोर्ट से जोड़ दिया गया है।
मध्य प्रदेश में इस पहले चरण में अविवादित प्रकरणों में लागू किया जा रहा है जहां विक्रय पूरे खसरे का है। बाद में इसके तहत अविवादित नामांतरण और बंटवारे के प्रकरणों में भी लागू किया जाएगा।
मध्य प्रदेश सरकार की ये योजना शुरूआती दौर में फिलहाल 12 जिलों में संचालित होगी। इन 12 जिालें में हरदा, डिंडौरी, ग्वालियर, आगरा तानवा, श्योरपुर, बैतूल, विदिशा और उमरिया जिला शामिल है।


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